अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) ने राम मंदिर दान चोरी के आरोपी लवकुश मिश्रा की पत्नी को उनके नाम पर बने घर के कथित अनधिकृत निर्माण पर नोटिस भेजा है, जबकि पुलिस ने कथित गबन मामले में अपनी जांच तेज कर दी है। आधिकारिक और पुलिस सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
एडीए सूत्रों के मुताबिक सोहावल तहसील के बनवीरपुर गांव में इस मकान का निर्माण चल रहा है।
उन्होंने कहा कि मकान वाली जमीन लवकुश मिश्रा की पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम पर खरीदी गई थी और विकास प्राधिकरण से अनिवार्य अनुमोदन प्राप्त किए बिना निर्माण किया गया है।
पुलिस सूत्रों ने कहा कि जांचकर्ताओं ने बुधवार को लवकुश मिश्रा के आवास की भी तलाशी ली और उनके परिवार के सदस्यों से पूछताछ की।
इस बीच, पुलिस सूत्रों ने संकेत दिया कि जांचकर्ता आरोपी अविनाश शुक्ला के खिलाफ कानूनी कार्यवाही कड़ी कर सकते हैं, जिसके पास से अब तक सबसे अधिक नकद बरामदगी हुई है।
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पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान अविनाश शुक्ला से 20.39 लाख रुपये, करुणेश पांडे से 18.07 लाख रुपये, अनुकल्प मिश्रा से 16.82 लाख रुपये, लवकुश मिश्रा से 14.25 लाख रुपये, रमाशंकर मिश्रा से 7.32 लाख रुपये और रमाशंकर यादव उर्फ टीनू से एक लाख रुपये बरामद किये गये हैं।
पुलिस के अनुसार जांच के दौरान करीब 11 ग्राम सोना, करीब 375 ग्राम चांदी और 1,121 अमेरिकी डॉलर भी बरामद किये गये हैं।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि एक महत्वपूर्ण बरामदगी में, जांचकर्ताओं ने अयोध्या के एक योग केंद्र से पेटीएम क्यूआर कोड वाला “रामराज्य कोष” लेबल वाला एक दान बॉक्स जब्त किया, जहां अविनाश शुक्ला लगभग एक दशक से रहा था।
राम मंदिर के दान में कथित गबन सात जून को सामने आया था। बाद में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एक विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद 25 जून को एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
पुलिस के मुताबिक इस मामले में मंदिर के दान-गणना प्रक्रिया से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है और जांच चल रही है।
Pic Credit : ANI
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