नई दिल्ली। ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस पार्टी छोड़ने वाले विधायकों ने गुरुवार को चुनाव आयोग से मुलाकात की और पार्टी पर दावा किया। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में 10 सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिला। विधायकों ने पार्टी में हुए संगठनात्मक बदलावों और नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी को मान्यता देने की मांग की।
मुलाकात के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, ‘हम ही असली टीएमसी हैं, चुनाव आयोग ने हमारी बात सुनी। उम्मीद है वे जल्द फैसला लेंगे’। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में 22 जून को कोलकाता में बैठक हुई थी। इसमें नए अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और 30 सदस्यों की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन किया गया था।
उससे पहले मई के अंत में ममता बनर्जी की पार्टी के 58 विधायकों ने अलग गुट बना लिया था। विधानसभा के स्पीकर ने इन विधायकों के गुट को मुख्य विपक्षी पार्टी का दर्जा दिया और ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष स्वीकार किया। गौरतलब है कि चार मई को आए नतीजों में ममता बनर्जी की पार्टी 80 सीटों पर जीत थी। इनमें से 58 विधायक अलग हो गए हैं। इसी तरह 15 जून को तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों ने भी पार्टी छोड़कर त्रिपुरा की नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया में विलय कर लिया था।


