चुनाव आयोग के काम भी तो ऐसे हैं!
जब से ‘इंडियन एक्सप्रेस’ ने चुनाव आयोग के अंदर की खींचतान और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की मनमानियों की खबर छापी है तब से एक बड़ी जमात ऐसी है, जिसको संवैधानिक संस्था की साख की चिंता सताने लगी है। लेकिन सवाल है कि क्या किसी अखबार ने या किसी विपक्षी राजनीतिक दल ने चुनाव आयोग या किसी अन्य संवैधानिक संस्था की साख खराब की है? चुनाव आयोग ने अपनी साख तो खुद ही खराब की है। उसके काम ऐसे हैं, जिनसे उसकी मंशा पर सवाल खड़े होते हैं। यह सिर्फ एसआईआर का मामला नहीं है। चाहे आचार संहिता के...