Election Commission

  • चुनाव आयोग की गड़बड़ियां संयोग हैं या प्रयोग?

    चुनाव आयोग द्वारा अचानक कुछ ज्यादा ही ग़ड़बड़ियां होने लगी हैं। कहीं भाजपा की मुहर लगी चिट्ठी जारी हो जा रही है तो कहीं वेबसाइट में ऐसी गड़बड़ी दिखने लग रही है कि सांसदों के नाम ही मतदाता सूची से गायब हो जा रहे हैं। हर बार चुनाव आयोग कहता है कि तकनीती गड़बड़ी थी, जिसे ठीक कर लिया गया है या मानवीय भूल थी, जिस पर कार्रवाई कर दी गई है। लेकिन सवाल है कि इतनी गड़बड़ियां अचानक होने लगना संयोग है या प्रयोग? इससे पहले कभी इतनी गड़बड़ी नहीं हुई। यह भी सवाल है कि पश्चिम बंगाल में...

  • चुनाव आयोग को किस बात का डर है?

    चुनाव आयोग ने कमाल ही किया है। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के बाद उसने जिन लोगों के नाम विचाराधीन श्रेणी में रखा है उनके दस्तावेजों की जांच करके पूरक मतदाता सूची जारी करने में उसे इतनी परेशानी हुई है कि सब हैरान हैं। चुनाव आयोग ने पहले तय किया था कि शनिवार, 21 मार्च को पहली पूरक मतदाता सूची जारी होगी। शाम तक इंतजार होता रहा और आयोग ने सूची जारी नहीं की। इसके बाद खबर आई कि सोमवार, 23 मार्च को पूरक मतदाता सूची जारी होगी। इस बार आयोग पर दबाव भी...

  • संविधान पवित्र या चुनाव की तारीख?

    अगर ‘विचाराधीन श्रेणी’ के सभी मतदाताओं के दस्तावेजों की जांच नहीं हो जाती है तो क्या चुनाव कराना उचित होगा? ऐसे जिन विचाराधीन मतदाताओं के नाम पूरक मतदाता सूची में नहीं शामिल किए जाते हैं उनका पक्ष सुने बगैर क्या मतदान कराना उचित होगा? ये गंभीर सवाल हैं। इस बात का कोई अर्थ नहीं है कि किस पार्टी को इसका लाभ मिलता है और किसको हानि होती है। यह बहुत महत्वपूर्ण और गंभीर सवाल है कि किसी संवैधानिक व्यवस्था वाले देश में संविधान बड़ा होता है, उसके प्रावधान अहम होते हैं या एक निश्चित तारीख तक चुनाव कराने की मजबूरी...

  • चुनाव आयुक्तों वाले मामले से हटे चीफ जस्टिस

    नई दिल्ली। चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए केंद्र सरकार की ओर से बनाए गए कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई से चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने अपने को अलग कर लिया है। उन्होंने कहा कि उनके होने से हितों का टकराव हो सकता है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश में कहा था कि जब तक केंद्र सरकार कानून नहीं बना देती है तब तक चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति एक कमेटी करेगी. जिसमें प्रधानमंत्री, लोकसभा में नेता विपक्ष और सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस होंगे। बाद में केंद्र सरकार ने 2023 में कानून बनाया तो नियुक्ति...

  • सोशल मीडिया पर भी प्री-सर्टिफिकेशन जरूरी

    आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि अब सभी राजनीतिक विज्ञापनों को जारी करने से पहले मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी (एमसीएमसी) से प्री-सर्टिफिकेशन लेना अनिवार्य होगा।  चुनाव आयोग ने 15 मार्च को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के साथ-साथ 6 राज्यों में उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित किया था। इसके बाद चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए यह निर्देश जारी किए गए हैं। आयोग के अनुसार कोई भी पंजीकृत राजनीतिक दल, संगठन, उम्मीदवार या...

  • चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के पांच अधिकारियों का किया ट्रांसफर

    पश्चिम बंगाल विधानसभा के आम चुनाव 2026 की तैयारियों के मद्देनज़र चुनाव आयोग ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादलों और नई तैनाती को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। यह निर्देश राज्य के मुख्य सचिव को भेजे गए पत्र के माध्यम से दिए गए हैं।  आयोग द्वारा की गई समीक्षा के बाद पांच अधिकारियों की नई तैनाती तय की गई है। इसमें राठौड़ अमित कुमार भरत को डीआईजी रायगंज रेंज, अजीत सिंह यादव को डीआईजी मुर्शिदाबाद, श्रीहरि पांडे को डीआईजी बर्धमान, कंकर प्रसाद बरुई को डीआईजी प्रेसिडेंसी रेंज और अंजलि सिंह को डीआईजी जलपाईगुड़ी के रूप में तैनात किया गया...

  • चुनाव आयोग ने केरल के 5 अधिकारियों का किया ट्रांसफर

    मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने विधानसभा चुनावों की घोषणा करते हुए आश्वासन दिया था कि केरल सहित सभी राज्यों में चुनाव प्रलोभन मुक्त, निष्पक्ष, तटस्थ और शांतिपूर्ण होंगे। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने केरल में कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस संबंध में आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि आदेशों को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।  चुनाव आयोग द्वारा जारी पत्र के अनुसार, आईपीएस अधिकारी नारायणन (डीआईजी रैंक) को कोझिकोड में जिला पुलिस प्रमुख के पद पर तैनात किया गया है। थॉमसन जोस आईपीएस-2009...

  • राज्यों के चुनाव हैं सभ्यतागत संघर्ष नहीं

    चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के चुनाव वैसे तो दोनों सबसे बड़ी राष्ट्रीय पार्टियों के साथ साथ मजबूत प्रादेशिक क्षत्रपों और वामपंथी पार्टियों के लिए परीक्षा वाले हैं। लेकिन ये चुनाव खासतौर से भाजपा के लिए परीक्षा वाले इसलिए हैं क्योंकि इनके नतीजों से पता चलेगा कि भाजपा गैर कांग्रेस दलों और प्रादेशिक क्षत्रपों के मुकाबले अपनी चिरंतन कमजोरी से उबर पाई है या नहीं। यह भी पता चलेगा कि क्षेत्रीय और भाषायी अस्मिता वाले राज्यों में भाजपा की अखिल भारतीय राजनीति के दांव पेंच, व्यापक हिंदू ध्रुवीकरण और राष्ट्रवाद की राजनीति कारगर होती है या नहीं। ध्यान...

  • बंगाल में चुनाव आयोग का एक्शन: डीजीपी और कोलकाता पुलिस कमिश्नर को हटाया

    पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद भारतीय निर्वाचन आयोग ने बड़ा फेरबदल किया है। आयोग ने पीयूष पांडे को हटाते हुए सिद्ध नाथ गुप्ता को पश्चिम बंगाल का नया पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त किया है। इसके अलावा, सुप्रतिम सरकार की जगह अजय कुमार नंद को कोलकाता का नया पुलिस कमिश्नर बनाया गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में आश्वासन दिया था कि पश्चिम बंगाल में चुनाव हिंसा-मुक्त और शांतिपूर्ण होंगे। इसके अगले ही दिन पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, जिनमें पश्चिम बंगाल के डीजीपी और कोलकाता पुलिस कमिश्नर भी...

  • स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव की तैयारी

    नई दिल्ली। चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के चुनाव की तारीखों की घोषणा करते हुए मुख्य चुनाव आय़ुक्त ने दावा किया कि आयोग ने स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने की पूरी तैयारी की है। उन्होंने साफ कहा कि एक भी पात्र मतदाता का नाम नहीं कटेगा और एक भी अपात्र मतदाता का नाम सूची में नहीं रहेगा। इससे पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची का मामला उलझता दिख रहा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नियुक्त न्यायिक अधिकारी 60 लाख विचाराधीन मतदाताओं के दस्तावेजों की जांच कर रहा है। बहरहाल, मुख्य चुनाव आयुक्त ने अपने खिलाफ लाए गए...

  • चुनाव घोषणा पर नजर है लेकिन…..

    स्पष्ट अर्थ है कि जब तक इन सभी 52 लाख मतदाताओं के दस्तावेजों की जांच नहीं हो जाती है और उनमें से पात्र मतदाताओं के नाम पूरक मतदाता सूची में नहीं शामिल किया जाता है तब तक चुनाव नहीं होगा। तभी प्रश्न है कि क्या चुनाव से पहले इन सभी मतदाताओं के दस्तावेजों की जांच हो जाएगी? यह सवाल इसलिए है क्योंकि मतदाता सूची में नाम जोड़ने की एक निर्धारित प्रक्रिया और तय समय सीमा होती है। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव की घोषणा होने वाली है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में चुनाव आयोग की फुल बेंच...

  • चुनाव आयोग के खिलाफ ममता का मोर्चा

    अब राहुल गांधी बैकग्राउंड में चले गए हैं। उनके साथ अक्सर ऐसा होता है। वे कोई मुद्दा उठाते हें और उसे बीच में ही छोड़ देते हैं। वे अब वोट की लूट और चुनाव आयोग की कथित गड़बड़ियों का मुद्दा नहीं उठा रहे हैं। लेकिन ममता बनर्जी ऐसा नहीं करती हैं। वे कोई मुद्दा उठाती हैं तो जब तक उसको किसी नतीजे पर नहीं पहुंचाती हैं या उससे अपना राजनीतिक लक्ष्य हासिल नहीं कर लेती हैं तब तक उसे छोड़ती नहीं हैं। अभी उनके निशाने पर चुनाव आयोग है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर शुरू होने के...

  • दिल्ली: चुनाव आयोग का राउंड टेबल सम्मेलन शुरू

    भारत मंडपम में मंगलवार को चुनाव आयोग और देशभर के राज्य निर्वाचन आयुक्तों का राष्ट्रीय राउंड टेबल सम्मेलन शुरू हुआ। खास बात यह है कि इस तरह की बैठक 27 वर्षों बाद आयोजित की गई है। इससे पहले ऐसा सम्मेलन वर्ष 1999 में हुआ था। सम्मेलन की अध्यक्षता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार कर रहे हैं। इस अवसर पर चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी भी मौजूद रहे। देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के राज्य निर्वाचन आयुक्त अपने कानूनी और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ बैठक में हिस्सा ले रहे हैं। इसके साथ ही 36 राज्यों...

  • ममता ने चुनाव आयोग को एक और चिट्ठी लिखी

    कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को एक और चिट्ठी लिखी है। यह उनकी चौथी चिट्ठी है। ममता ने आरोप लगाया है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान 77 लोगों की मौत हुई है। दो पन्नों की इस चिट्ठी में उन्होंने एसआईआर के नाम पर आम नागरिकों को लगातार परेशान जाने का आरोप लगाया है। ममता बनर्जी ने चिट्ठी में लिखा, टएसआईआर की प्रक्रिया में मानवीय संवेदनशीलता नहीं दिखी। 77 लोगों की मौत, चार आत्महत्या के प्रयास और 17 लोगों के बीमार होने की वजह एसआईआर प्रक्रिया रही। लोगों...

  • विपक्षी पार्टियों ने आयोग पर निशाना साधा

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के पहले चरण के बाद जारी हुई मसौदा मतदाता सूची को लेकर विपक्षी पार्टियों ने चुनाव आयोग और भाजपा पर निशाना साधा है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में 2.89 करोड़ नाम कट गए हैं। इसे लेकर उत्तर प्रदेश की मुख्य विपक्षी समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘इससे पहले कि मतदाताओं का रोष आक्रोश बनकर आंदोलन का रूप ले ले, चुनाव आयोग मैनपुरी में एसआईआर से कटे वैध नामों के लिए संज्ञान लेकर मतदाता सूची दुरुस्त कराए’। कांग्रेस पार्टी...

  • एसआईआर: पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग ने राज्य सरकार के कर्मचारियों से घोषणा मांगी

    भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने पश्चिम बंगाल सरकार के कर्मचारियों से यह घोषणा करने को कहा है कि वे (डबल वोटर) दोहरे मतदाता नहीं हैं। यानी उनके नाम मतदाता सूची में दो स्थानों पर दर्ज नहीं हैं। साथ ही, आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी राज्य सरकार के कर्मचारी का नाम दो स्थानों पर दर्ज है, तो यह उनकी जिम्मेदारी होगी कि वे संबंधित बूथ अधिकारी से संपर्क करें और अपना नाम एक स्थान से हटवाएं। आयोग द्वारा दिए गए निर्धारित प्रपत्र में, प्रत्येक राज्य सरकार के कर्मचारी को पश्चिम बंगाल के मतदाता के रूप में...

  • अभिषेक की चुनाव आयोग और भाजपा को चुनौती

    पश्चिम बंगाल की डायमंड हार्बर सीट के सांसद और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी हाल ही में चुनाव आयोग को चुनौती देकर गए हैं। उन्होंने चुनाव आयोग की बैठक में सीधे मुख्य चुनाव आयुक्त से पंगा किया और कहा कि चुनाव आयुक्त नॉमिनेटेड हैं, जबकि वे इलेक्टेड हैं। वे जब चुनाव आयोग पहुंचे थे तो उन्होंने गेट के बाहर रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती देखी थी, जिसके बाद उन्होंने यह भी कहा कि अभी तो अभिषेक बनर्जी आए हैं, जब ममता बनर्जी आएंगी तब क्या होगा? अब उन्होंने यह चुनौती दी है कि चाहे जितना भी एसआईआर करा लो...

  • “वोट चोरी” के जाल में उलझी कांग्रेस !

    राहुल गांधी ने जर्मनी की यात्रा के दौरान एक कार्यक्रम में कहा कि बहुत से लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों का समर्थन करते हैं लेकिन बहुत से लोग उनका विरोध भी करते हैं। यही बात चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने कांग्रेस के सामने अपने प्रेजेंटेशन में कही थी। उन्होंने बताया था कि देश में लगभग 60 फीसदी मतदाता भाजपा के खिलाफ वोट करते हैं। अगर उस वोट को एकजुट किया जाए तो भाजपा को रोका जा सकता है। सवाल है कि क्या राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी सभी विपक्षी पार्टियों को साथ लेकर भाजपा विरोधी वोट को एकजुट करने...

  • घुसपैठियों के खिलाफ अभियान का कितना फायदा?

    एक तरफ चुनाव आयोग मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का अभियान चला रहा है तो दूसरी ओर उत्तर प्रदेश सरकार ने घुसपैठियों की पहचान का अभियान शुरू किया है। उत्तर प्रदेश के 17 शहरों में यह अभियान चल रहा है और कई जगह डिटेंशन सेंटर बनाए जा रहे हैं, जहां संदिग्ध नागरिकों को रखा जाऐगा। घुसपैठियों की पहचान होनी चाहिए और उन्हें निकाला भी जाना चाहिए इससे किसी को आपत्ति नहीं हो सकती है। लेकिन यह अभियान प्रतीकात्मक और चुनावी लाभ के लिए नही होना चाहिए। जिस तरह से अमेरिका ने अवैध नागरिकों को पहचाना और उन्हें...

  • बंगाल में चुनाव आयोग की चुनौतियां

    पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग के सामने एक चुनौती नहीं है। उसके सामने कई चुनौतियां हैं। हर दिन नई नई चुनौती सामने आ रही है। सरकार की ओर से असहयोग, अधिकारियों का असहयोग, बूथ लेवल अधिकारियों यानी बीएलओ का संगठन बना कर विरोध प्रदर्शन करना आदि चुनौतियों से तो चुनाव आयोग निपट ही रहा था इस बीच उसके सामने नई चुनौती आ गई है कि हजारों मतदान केंद्रों से सौ फीसदी मतगणना प्रपत्र जमा हो रहे हैं। अभी पहले चरण यानी मतगणना प्रपत्र भर कर जमा कराने की अवधि 10 दिन बची हुई है और इस बीच 22 सौ से...

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