नई दिल्ली। कॉलेज फेस्ट (college fest) के दौरान लड़कियों (girls) के बार-बार यौन उत्पीड़न (sexual harassment) की घटनाओं का संज्ञान लेते हुए दिल्ली महिला आयोग (Delhi Women Commission) (डीसीडब्ल्यू) ने सोमवार को मामले की जांच शुरू की। जांच के हिस्से के रूप में, दिल्ली पुलिस और दिल्ली विश्वविद्यालय के अधिकारियों को भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए तैयार दिशानिर्देशों के विवरण के साथ तलब किया गया।
दिल्ली विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार और दिल्ली पुलिस के संयुक्त पुलिस आयुक्त (एसपीयूडब्ल्यूएसी) को सोमवार सुबह समन जारी किया गया। डीसीडब्ल्यू ने नोटिस में कहा, आपको 6 अप्रैल 2023 को दोपहर 2 बजे आयोग के समक्ष उपस्थित होने के लिए समन किया जाता है। यदि आप बिना वैध कारण के इस आदेश का पालन करने में विफल रहते हैं, तो आप कार्रवाई के अधीन होंगे।
पिछले हफ्ते आयोग ने एक कॉलेज फेस्ट के दौरान छात्राओं के यौन उत्पीड़न की खबरों के बाद दिल्ली पुलिस और आईपी कॉलेज के प्रिंसिपल को नोटिस जारी किया था। इसमें कहा गया है कि कुछ लड़के फेस्ट के दौरान कॉलेज में घुसे और लड़कियों को परेशान किया।
आयोग ने पुलिस से तैनात किए जाने वाले पुलिसकर्मियों की संख्या, फेस्ट के दौरान कॉलेज परिसर के बाहर पीसीआर तैनात करने और दिल्ली के कॉलेजों में इस तरह की घटनाओं को रोकने में सक्षम नहीं होने के कारणों के बारे में भी पूछा है।
साथ ही, दिल्ली विश्वविद्यालय से गार्गी कॉलेज, मिरांडा हाउस और इंद्रप्रस्थ महिला कॉलेज में हुई घटनाओं पर विश्वविद्यालय द्वारा की गई जांच रिपोर्ट की एक कॉपी प्रस्तुत करने को कहा है। विश्वविद्यालय द्वारा कॉलेज प्रशासन में सुरक्षा चूक के लिए की गई कार्रवाई का विवरण भी मांगा गया है। (आईएएनएस)
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