नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि तीन देशों की अपनी छह दिवसीय यात्रा के दौरान उन्होंने हर पल का इस्तेमाल भारत की भलाई के लिए किया। इससे पहले, भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने स्वदेश लौटने पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
पालम हवाई अड्डे के बाहर उनका स्वागत करने के लिए एकत्र लोगों को संबोधित करते हुए नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) ने कहा कि वह विदेशों में भारत और यहां के लोगों की ताकत के बारे में आत्मविश्वास से बोलते हैं और दुनिया सुनती है क्योंकि यहां के लोगों ने पूर्ण बहुमत की सरकार चुनी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विश्व के नेता जानते हैं कि वह जो कहते हैं वह भारत के 140 करोड़ लोगों की आवाज है। उन्होंने कहा कि भारत के सामने अपनी जड़ें मजबूत करने की चुनौतियां हैं। साथ ही भारत नई ऊंचाई पर पहुंचने की दिशा में भी काम कर रहा है जैसा कि दुनिया उससे उम्मीद करती है। उन्होंने कहा, चुनौतियां बड़ी हैं। लेकिन चुनौतियों को चुनौती देना मेरे स्वभाव में है। उन्होंने उत्साहित भीड़ के सामने विश्वास जताया कि उनकी सरकार समय रहते इन उम्मीदों को पूरा करने में सफल होगी। उन्होंने कहा कि देश से वैश्विक उम्मीदें बढ़ रही हैं।
मोदी ने यात्रा के दौरान प्रशांत द्वीपीय देशों के लोगों द्वारा दिए गए सम्मान के बारे में बात की और कहा कि महामारी के दौरान उन्हें भेजे गए कोविड-19 टीकों के लिए इन देशों ने भारत के प्रति आभार भी जताया। विदेशों में टीके भेजने के सरकार के फैसले की आलोचना करने वालों पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, याद रखिए, यह बुद्ध की भूमि है, यह गांधी की भूमि है। हम अपने दुश्मनों की भी परवाह करते हैं, हम करुणा से प्रेरित लोग हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब वह कहते हैं कि हमारे देश के तीर्थ स्थलों पर कोई भी हमला स्वीकार्य नहीं है तो दुनिया भी इससे सहमति व्यक्त करती है। मोदी ने बुधवार को अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष एंथनी अल्बनीज के समक्ष ऑस्ट्रेलिया में मंदिरों पर हमले की घटनाओं का मुद्दा उठाते हुए उन्हें भारत की चिंताओं से अवगत कराया था।
उन्होंने कहा कि देश भर में आयोजित 150 से अधिक बैठकों में जी-20 (G-20) प्रतिनिधियों के भारत में हुए स्वागत ने दुनिया को बहुत प्रभावित किया है। उन्होंने कहा, मैंने जिन नेताओं और अन्य लोगों से मुलाकात की, वे भारत द्वारा जी-20 की अध्यक्षता इतनी शानदार तरीके से किए जाने को लेकर बहुत मंत्रमुग्ध थे और सभी ने इसकी सराहना की है। यह सभी भारतीयों के लिए बहुत गर्व की बात है। (भाषा)
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