मैसूरु। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) रविवार को कर्नाटक के बांदीपुर टाइगर रिजर्व (Bandipur Tiger Reserve) (बीटीआर) (BTR) में छलावरण वाले कपड़े और टोपी पहने सफारी करते नजर आए। श्री मोदी ने बीटीआर में 22 किलोमीटर की सफारी के बाद पड़ोसी राज्य तमिलनाडु के सीमावर्ती चामराजनगर जिले में मुदुमलाई टाइगर रिजर्व (एमटीआर) में थेप्पाकडू हाथी शिविर पहुंचे और ऑस्कर पुरस्कार (Oscar Award) विजेता वृत्तचित्र ‘द एलिफेंट व्हिस्परर्स’ (The Elephant Whispers) के मुख्य सितारों बोमन-बेली (Bowman-Bailey) युगल के साथ बातचीत की।
प्रधानमंत्री का यह दौरा सफारी प्रोजेक्ट टाइगर के 50 साल पूरे होने के कार्यक्रमों का एक हिस्सा है। उन्होंने संरक्षण गतिविधियों में शामिल फ्रंटलाइन फील्ड स्टाफ और एसएचजी के साथ बातचीत की।
उल्लेखनीय है कि चुनावी राज्य कर्नाटक में श्री मोदी का यह 8वां दौरा है और उन्होंने वन्यजीव अभयारण्य में दो घंटे बिताए। बीटीआर के अधिकारियों ने बताया कि नौ अप्रैल को प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के मद्देनजर बांदीपुर टाइगर रिजर्व में और उसके आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। इसके बाद श्री मोदी ने तमिलनाडु की सीमा से लगे चामराजनगर जिले के मुदुमलाई टाइगर रिजर्व में थेप्पाकडू हाथी शिविर का दौरा किया और ऑस्कर विजेता सितारों के साथ बातचीत की। साथ ही उन्होंने हाथी शिविर के महावतों और कावड़ियों के साथ भी बातचीत की।
कर्नाटक में मैसूरु-ऊटी राजमार्ग पर विशाल पश्चिमी घाटों के सुरम्य परिवेश के बीच स्थित बीटीआर नीलगिरि बायोस्फीयर रिजर्व का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके उत्तर पश्चिम में कर्नाटक के राजीव गांधी राष्ट्रीय उद्यान (नागराहोल) है। इसके उत्तर में तमिलनाडु का मुदुमलाई वन्यजीव अभयारण्य है। दक्षिण और दक्षिण- पश्चिम में केरल का वायनाड वन्यजीव अभयारण्य है। कभी पूर्व महाराजाओं के निजी शिकार के मैदान और नीलगिरि की तलहटी में बसे, बांदीपुर में बाघों के साथ एक लंबा रिश्ता रहा है। पक्षियों की 200 से अधिक प्रजातियां और वनस्पतियों की विविधता इसके आकर्षण को बढ़ाती है। बांदीपुर में सागौन, शीशम, चंदन, भारतीय-लॉरेल, भारतीय किनो पेड़, विशाल गुच्छेदार बांस सहित इमारती लकड़ी के पेड़ों की एक विस्तृत श्रृंखला है। (वार्ता)
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