Balasore Traian Accident: शुक्रवार को भारतीय रेलवे के इतिहास में एक ट्रेन दुर्घटना में तीन ट्रेनों की बर्बादी, गुथमगुथा होने का भयावह हादसा हुआ। अभी तक सवा दो सौ क़रीब लोगों के मरने की ख़बर है। मगर संख्या बढ़ने की आशंका है। एक तेज़ रफ्तार ट्रेन के डिब्बे पटरी से उतरे. दूसरी ट्रेन उनसे जा टकराई। बहानागा रेलवे स्टेशन के पास शालीमार-चेन्नई कोरोमंडल एक्सप्रेस ट्रेन जहां 12864 बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस हावड़ा जाते वक्त बेपटरी हुई ट्रेन के डिब्बों से जा भिड़ी वही दूसरी पटरी पर बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट के गिरे डिब्बों की एक मालगाड़ी से भिडंत हुई। मालगाड़ी भी दुर्घटना की चपेट में आ गई। 12841 शालीमार-चेन्नई कोरोमंडल एक्सप्रेस के डिब्बों के पलटने से भी हादसा भारी है।

रेलवे के इतिहास में पूर्वोतर भारत की यह रेल दुर्घटना दूसरी बड़ी है। जून 1981 में 9 डिब्बों के साथ एक पैसेंजर ट्रेन 416 DN मानसी से सहरसा जा रही थी। उस वक्त खगड़िया से सहरसा जाने वाली वह एकलौती ट्रेन थी। उस हादसे में ट्रेन के 7 डिब्बे नदी में गिर गए थे। तब 800 लोगों की जान गई थी। आंशका है शुक्रवार के हादेस में मरने वालों की संख्या बढेगी। रेलवे, प. बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश की सरकारों ने हेल्पलाइन नंबर्स जारी कर दिए हैं। वहीं, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मृतकों और घायलों के लिए मुआवजे की घोषणा कर दी है। राहत एवं बचाव कार्य जारी है। घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है।
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