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हामिद अंसारी के बयान पर विवाद

नई दिल्ली। पूर्व उप राष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी जब भी किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होते हैं तो उनके बयान पर विवाद होता है। संविधान के जानकार, वरिष्ठ वकील और लेखक दिवंगत एजी नूरानी की याद में आयोजित एक कार्यक्रम में शनिवार को हामिद अंसारी ने ऐसा बयान दिया, जिसे लेकर भाजपा ने उनके ऊपर निशाना साधा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ओगी आदित्यनाथ ने भी उनको निशाना बनाया है। हामिद अंसारी ने अपने बयान में कहा कि देश के हिंदू सांप्रदायिकता ज्यादा खतरनाक है।

असल में हामिद अंसारी ने एजी नूरानी की किताब ‘द आरएसएस: अ मेनेस टू इंडिया’ का जिक्र करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के एक बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत के लिए असली खतरा कम्युनिज्म नहीं, बल्कि हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता है। नई दिल्ली के इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए हामिद अंसारी ने कहा कि नूरानी की 2019 में प्रकाशित किताब की प्रस्तावना में ऐसे विचार दर्ज हैं, जो उनके मुताबिक आज भारत के कई मुसलमानों की भावना को दिखाते हैं।

अंसारी ने आगे कहा कि इसी किताब की प्रस्तावना में नूरानी ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की उन टिप्पणियों का जिक्र किया था, जिन्हें पूर्व विदेश सचिव जगत सिंह गुंडेविया ने विदेश मंत्रालय के अधिकारियों की एक बैठक के संदर्भ में दर्ज किया था। अंसारी के अनुसार, नेहरू ने उस बैठक में कहा था कि भारत के लिए वास्तविक खतरा कम्युनिज्म नहीं, बल्कि हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता है। गौरतलब है कि केंद्र में मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए की सरकार के समय भी हिंदू सांप्रदायिकता को लेकर बहुत विवा हुआ था।

By NI Desk

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