नई दिल्ली। बीमा सेक्टर को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला किया है। शनिवार को केंद्र सरकार ने बीमा सेक्टर में सौ फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश यानी एफडीआई की मंजूरी दे दी है। सरकार के इस फैसले के बाद विदेशी निवेशक ऑटोमैटिक रूट से भारतीय बीमा कंपनियों में पूरी हिस्सेदारी ले सकेंगे। हालांकि सरकार ने भारतीय जीवन बीमा निगम यानी एलआईसी के लिए निवेश की सीमा 20 फीसदी पर ही बरकरार रखी गई है।
सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, बीमा सेक्टर में विदेशी निवेश बीमा कानून 1938 के प्रावधानों के अधीन होगा। निवेश प्राप्त करने वाली कंपनियों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे बीमा और संबंधित गतिविधियों के लिए इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी से लाइसेंस या जरूरी मंजूरी प्राप्त करें। इसके साथ ही नियमों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिस भारतीय बीमा कंपनी में विदेशी निवेश होगा, उसके बोर्ड के अध्यक्ष, प्रबंध निदेशक या मुख्य कार्यकारी यानी सीईओ में कम से कम एक व्यक्ति भारतीय नागरिक होना चाहिए।
एलआईसी के लिए तय फ्रेमवर्क के मुताबिक ऑटोमैटिक रूट के तहत विदेशी निवेश की अधिकतम सीमा 20 फीसदी ही रखी गई है। एलआईसी में होने वाला यह निवेश जीवन बीमा निगम कानून 1956 और बीमा कानून 1938 के उन प्रावधानों के अनुपालन के अधीन होगा जो एलआईसी पर लागू होते हैं।
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.


