नई दिल्ली। अमेरिका में करीब 80 लाख लोग राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ सड़क पर उतरे। देश के हर हिस्से में लोगों ने ट्रंप के खिलाफ प्रदर्शन किया। शनिवार को 50 राज्यों के करीब 33 सौ जगहों पर प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने इसे ‘नो किंग्स रैली’ का नाम दिया। अमेरिकी नागरिकों ने ईरान में चल रही जंग के साथ साथ बढ़ती महंगाई और प्रवासियों के खिलाफ हो रही सख्त कार्रवाई के विरोध में इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
इस रैली के आयोजकों ने कहा है कि पिछले साल अक्टूबर में हुई ‘नो किंग्स रैली’ के मुकाबले इस बार करीब 10 लाख ज्यादा लोग शामिल हुए। साथ ही पिछली बार के मुकाबले छह सौ ज्यादा जगहों पर प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर राष्ट्रपति ट्रंप के साथ साथ उप राष्ट्रपति जेडी वेंस के खिलाफ भी पोस्टर दिखाए और दोनों को पद से हटाने की मांग की। राष्ट्रपति के रूप में ट्रंप का दूसरा कार्यकाल शुरू होने के बाद अब तक तीन बार बार ‘नो किंग्स रैली’ हो चुकी है। पहला प्रदर्शन जून 2025 में, दूसरा अक्टूबर में और तीसरा प्रदर्शन शनिवार, 28 मार्च को हुआ।
दूसरी ओर ट्रंप प्रशासन ने इन विरोध प्रदर्शनों को खारिज कर दिया है। व्हाइट हाउस ने इसे ‘थेरेपी सेशन’ बताते हुए कहा कि आम लोगों को इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ता। ट्रंप ने भी इन प्रदर्शनों को खारिज किया है और कहा है कि उनके फैसले देश को मजबूत बनाने के लिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे राजा नहीं हैं और उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप गलत हैं। अमेरिका के साथ साथ पेरिस और लंदन जैसी राजधानियों में भी लोगों ने सड़कों पर उतरकर ट्रंप के खिलाफ प्रदर्शन किया और उन्हें पद से हटाने की मांग की।
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