इम्फाल। मणिपुर में ठीक एक साल के बाद लोकप्रिय सरकार का गठन हो गया है। पिछले साल फरवरी में राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया गया था। राष्ट्रपति शासन के एक साल पूरे होने के नौ दिन पहले यानी 356 दिन के बाद राष्ट्रपति शासन समाप्त हो गया और युमनाम खेमचंद सिंह मणिपुर के 13वें मुख्यमंत्री बने हैं। राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने बुधवार शाम को इम्फाल स्थित लोकभवन में खेमचंद सिंह को शपथ दिलाई।
वाई खेमचंद सिंह मैतेई समुदाय से आते हैं। उनके साथ दो उप मुख्यमंत्रियों को शपथ दिलाई गई। नगा समुदाय से आने वाले लोधी दिखो ने उप मुख्यमंत्री की शपथ ली। वे नगा पीपुल्स फ्रंट के विधायक हैं। वहीं, कुकी समुदाय से आने वालीं नेमचा किपगेन राज्य की पहली महिला उप मुख्यमंत्री बनीं। भाजपा नेता नेमचा ने दिल्ली के मणिपुर भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए शपथ लीं।
इससे पहले मंगलवार, तीन फरवरी को युमनाम खेमचंद सिंह को दिल्ली में भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया। केंद्रीय पर्यवेक्षक तरुण चुघ और प्रभारी संबित पात्रा वहां मौजूद थे। इसके बाद बुधवार को युमनाम खेमचंद सिंह सुबह वरिष्ठ भाजपा नेताओं और विधायकों के साथ विशेष विमान से इम्फाल पहुंचे और राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया। राज्यपाल ने उनको शाम छह बजे शपथ लेने के लिए आमंत्रित किया।
वाई खेमचंद सिंह के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही राज्य में एक साल से चल रही राजनीतिक अस्थिरता का पटाक्षेप हो गया। राज्य में अगले साल मार्च में विधानसभा का चुनाव होने वाला है। गौरतलब है कि मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदाय के बीच जातीय हिंसा के कारण नौ फरवरी 2025 को तत्कालीन मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने इस्तीफा दे दिया था। इसके चार दिन बाद, 13 फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू किया गया। 12 फरवरी 2026 को राष्ट्रपति शासन की समय सीमा खत्म हो रही थी। उससे पहले लोकप्रिय सरकार का गठन हो गया।


