लखनऊ। यूजीसी के नियमों के विरोध में और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में इस्तीफा देने वाले उत्तर प्रदेश प्रशासनिक सेवा के अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। सरकार ने उनका इस्तीफा मंजूर नहीं किया है, बल्कि उनको निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही उनका इस्तीफा स्वीकार किया जाएगा। इस बीच उनको शामली भेज दिया गया है।
बरेली के कमिश्नर को उनके मामले की जांच सौंपी गई है। निलंबित किए जाने के साथ ही सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री से सरकारी गाड़ी वापस ले ली गई है। उन्होंने सरकारी बंगला खुद ही खाली कर दिया है। वे मंगलवार सुबह 11 बजे कलेक्टर से मिलने कलेक्ट्रेट पहुंचे। लेकिन उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। वे दो घंटे बाहर धरने पर बैठे रहे। सुबह से वे दो बार कलेक्टर से मिलने जा चुके हैं।
उन्होंने इस्तीफा वापस लेने से इनकार किया है। सोमवार को उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें बंधक बना कर रखा गया और इस्तीफा वापस लेने का दबाव बनाया गया। मंगलवार को उन्होंने उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की। सोमवार की रात को को शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने उनसे फोन पर बात की। उन्होंने कहा कहा, ‘पूरा सनातनी समाज आपसे प्रसन्न है। जो पद आपको सरकार ने दिया था, हम उससे बड़ा पद धर्म के क्षेत्र में आपको देंगे’।
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.



