नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने घरेलू उड़ानों के लिए जेट ईंधन की अधिकतम कीमत तय कर दी है। बुधवार को सरकार ने फैसला किया कि घरेलू उड़ानों के लिए एटीएफ यानी एयर टर्बाइन फ्यूल की अधिकतम कीमत 75.60 रुपए प्रति लीटर होगी। इसके साथ ही सरकार ने 10 हजार करोड़ रुपए के एटीएफ प्राइस स्टेबलाइजेशन फंड की भी मंजूरी दी है। माना जा रहा है कि इससे विमानन कंपनियों और तेल कंपनियों को राहत मिलेगी।
गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में चल रही जंग की वजह से ईंधन की कीमतों में बड़ा इजाफा हुआ है। ऐसे में जेट फ्यूल की कीमतें भी बड़ी हैं, जिससे विमान किराए में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। तभी एटीएफ की बढ़ती कीमतों को स्थिर करने के लिए इसकी कीमत पर ऊपरी सीमा लगाई गई है। बुधवार, तीन जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में फ्यूल स्टेबलाइजेशन फंड की मंजूरी दी गई।
माना जा रहा है कि यह फंड एटीएफ की कीमतों में उतार चढ़ाव को नियंत्रित करेगा। इस फंड का इस्तेमाल घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह के हवाई परिचालन के लिए किया जाएगा। सरकार के मुताबिक, पश्चिम एशिया संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में हवाई ईंधन की कीमतों में भारी उछाल आया है। मार्च 2026 में एटीएफ की कीमत जो 60.5 रुपए प्रति लीटर थी, वह मई 2026 में दोगुनी से भी ज्यादा बढ़ कर 142 रुपए प्रति लीटर के पार पहुंच गई है।
बढ़ती कीमतों से राहत देने के लिए सरकार ने घरेलू उड़ानों के लिए एटीएफ की कीमत को 75.6 रुपए प्रति लीटर पर फिक्स कर दिया है। गौरतलब है कि विमानन कंपनियों के कुल परिचालन खर्च में अकेले एटीएफ की हिस्सेदारी लगभग 40 फीसदी होती है। तबी कीमतों में आए इस तेज उछाल ने एयरलाइंस और तेल कंपनियों दोनों पर बड़ा आर्थिक दबाव बना दिया है।


