नई दिल्ली। भारत ने शुक्रवार को एक बार फिर अमेरिकी राजनयिक को तलब किया। होर्मुज की खाड़ी के पास भारतीय नाविकों वाले टैंकर पर अमेरिका की ओर से किए गए हमले का विरोध दर्ज कराने के लिए विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी राजनयिक को तलब किया। 24 घंटे में दूसरी बार अमेरिका के कार्यवाहक राजदूत जेसन मीक्स विदेश मंत्रालय पहुंचे। इससे पहले 10 जून के हमले को लेकर उनको तलब किया गया। उस हमले में तीन भारतीय नागरिक मारे गए थे। हालांकि उसके बाद फिर एक टैंकर पर अमेरिका ने हमला कर दिया।
इसे लेकर जेसन मीक्स को शुक्रवार को फिर तलब किया गया। गौरतलब है कि ओमान तट के पास भारतीय नाविकों वाले टैंकरों पर आठ से 11 जून के बीच तीन बार हमला हुआ है। विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई पर कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि ऐसे हमले तुरंत बंद होने चाहिए। अमेरिकी नौसेना ने 10 जून को तेल टैंकर एमटी सेत्तबेलो पर हमला किया था, जिसमें लापता तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। इससे पहले आठ जून को अमेरिकी सेना ने एमटी मारिवैक्स को निशाना बनाया था। फिर गुरुवार को ओमान तट के पास भारतीय चालक दल वाले जहाज एमटी जलवीर पर हमला हुआ।
बहरहाल, अमेरिका के कार्यवाहक राजदूत जेसन मीक्स शुक्रवार को करीब 45 मिनट तक विदेश मंत्रालय में रहे। बताया जा रहा है कि विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी राजनयिक के साथ भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई और अमेरिकी नौसेना के हमले को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया।


