नई दिल्ली। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश, केंद्र सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया है। यूपी सरकार की तरफ से बनाई गई विशेष जांच टीम यानी एसआईटी से अब तक की जांच की स्टेटस रिपोर्ट मांगी गई है। अदालत ने जांच अधिकारियों के बारे में भी जानकारी मांगी है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने मामले से जुड़े सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया।
सरकार की तरफ से पेश सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में पेश की जाएगी। इस पर कोर्ट ने साफ किया कि रिपोर्ट में एसआईटी के गठन और उसकी संरचना की पूरी जानकारी होनी चाहिए। कोर्ट ने अगली सुनवाई 20 जुलाई को तय की। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने सोमवार को चार अलग अलग याचिकाओं पर सुनवाई की। इन याचिकाओं में सीबीआई को जांच सौंपने के अलावा मंदिर में दान के प्रबंधन से जुड़े अलग अलग विषयों की समीक्षा के लिए विशेषज्ञ कमेटी बनाने की मांग की गई है।
अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के ढाई साल के बाद पहली बार मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी सीईओ पद के लिए वैकेंसी निकाली गई है। मंदिर के चढ़ावे में चोरी के विवाद के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक हुई थी, जिसमें जस्टिस प्रमोद कोहली की अध्यक्षता में तीन सदस्यों की एक कमेटी बनाई गई थी। इस कमेटी की पहली बैठक में सीईओ के लिए योग्यता तय की गई और उसके बाद वैकेंसी निकली है।
इसके मुताबिक आवेदक का हिंदू होना और उम्र 50 से 70 साल के बीच होनी चाहिए। शैक्षिक योग्यता ग्रेजुएशन रखी गई है। बताया जा रहा है कि मंदिर के प्रशासन में कामकाज या वित्तीय कामकाज का अनुभव होने पर प्राथमिकता दी जाएगी। आवेदक की भगवान राम में अटूट आस्था होनी चाहिए और उसका वैष्णव हिंदू होना जरूरी है। आवेदन की आखिरी तारीख 18 जुलाई, 2026 की शाम चार बजे तक है।
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.


