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पेपर लीक रोकने का बिल पास

नई दिल्ली। पेपर लीक रोकने के लिए लाया गया संशोधन बिल लोकसभा से पास हो गया। मंगलवार को दो बजे दिन में बिल पर चर्चा शुरू हुई और पहले दिन नौ घंटे का चर्चा हुई थी। बुधवार को फिर चर्चा शुरू हुई और उसके बाद बिल को ध्वनि मत से मंजूरी दी गई। गौरतलब है कि सरकार ने 2024 में पहली बार यह कानून बनाया था। तब भी सभी पार्टियों के समर्थन से इसे पास किया गया था। दो साल में दो बार नीट यूजी का पेपर लीक होने के बाद सरकार इसे ज्यादा सख्त प्रावधानों के साथ वापस ले आ रही है। ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रीवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026’ में सजा और जुर्माने के प्रावधान को बढ़ाया गया है और मामले की जांच व सुनवाई की समय सीमा तय की गई है।

बहरहाल, बिल पर बुधवार को विपक्ष की तरफ से राहुल गांधी करीब 50 मिनट बोले। उनके भाषण के बीच कई बार हंगामा हुआ। बाद में जितेंद्र सिंह ने चर्चा का जवाब दिया और विपक्ष के हंगामे के बीच बिल पास हुआ। इस बिल के कानून बनने पर पेपर लीक से जुड़े अपराधों में अधिकतम 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

बिल पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि विपक्ष बिल के नाम पर राजनीति कर रही है। उन्होंने राहुल के भाषण पर कहा, ‘नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जिन अपशब्दों का इस्तेमाल किया वे असंसदीय हैं। माननीय सदस्य खुद को भी ईडियट समझें तो वह नहीं कह सकते। उन्हें नियमों की जानकारी नहीं है’। राहुल को लक्ष्य करके उन्होंने कहा, ‘यदि वे व्यक्ति विशेष के लिए ये शब्द नहीं बोल रहे तो क्या छात्रों के लिए ये शब्द थे। और यदि छात्रों को इडियट कहा जाए तो इससे दुर्भाग्यपूर्ण कुछ नहीं है’।

बहरहाल, लोकसभा में अपने भाषण के बाद राहुल गांधी ने संसद परिसर में कहा, ‘गृह मंत्री शाह सदन में नहीं आए, जबकि उन्हें छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई पर जवाब देना चाहिए था’। राहुल ने कहा, ‘अगर गृह मंत्री ने कोई आदेश नहीं दिया है, तो उन्हें सदन में आकर साफ देनी चाहिए कि उन्होंने ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया। सबसे बड़ी बात यह है कि मुझे संसद में बोलने का अधिकार है और वह अधिकार मुझे मिलना चाहिए’।

उधर राज्यसभा में राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण संशोधन विधेयक (2026) बिल पास हो गया। इसके जरिए राष्ट्रगान ‘जन-गण-मन’ की तरह राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को कानूनी संरक्षण मिलेगा। अब ‘वंदे मातरम’ का अपमान, अनादर और गायन में बाधा डालना दंडनीय अपराध होगा। इस बिल के जरिए 1971 के मूल कानून में संशोधन का प्रावधान किया गया है। नए कानून में राष्ट्रगीत के अपमान के लिए तीन साल तक की जेल या जुर्माना या दोनों के प्रावधान हैं।

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By NI Desk

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