नई दिल्ली। तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर चुनाव प्रचार बंद हो गया है। पश्चिम बंगाल में भी 152 सीटों पर चुनाव प्रचार समाप्त हो गया है। इन सीटों पर तमिलनाडु के साथ 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। मंगलवार की शाम पांच बजे दोनों राज्यों में चुनाव प्रचार समाप्त हुआ। उससे पहले सभी पार्टियों के नेताओं ने पूरी ताकत झोंकी। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस के प्रचार की कमान संभाली थी तो भाजपा की ओर से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने धुआंधार प्रचार किया।
बहरहाल, तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर एक साथ 23 अप्रैल को मतदान होगा। इस बार राज्य में कुल 4,023 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इस बार के चुनाव की खास बात यह है कि अभिनेता से नेता बने जोसेफ विजय की पार्टी टीवीके सभी सीटों पर चुनाव लड़ रही है। राज्य के पश्चिमी और दक्षिण हिस्से में टीवीके को काफी समर्थन मिल रहा है। तमिलनाडु में एसआईआर के बाद कुल 5.73 करोड़ मतदाता अपने मत का प्रयोग कर सकेंगे।
पश्चिम बंगाल की बात है तो पहले चरण में 152 सीटों पर 23 अप्रैल को मतदान होगा। बची हुई 142 सीटों पर 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। चार मई को बंगाल, तमिलनाडु सहित केरल, असम और पुडुचेरी में वोटों की गिनती होगी। दो राज्यों केरल व असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में नौ अप्रैल को वोट डाले जा चुके हैं।
इस बार पश्चिम बंगाल में पहले चरण में कुल 1,478 प्रत्याशी मैदान में हैं। करीब तीन करोड़ 60 लाख से कुछ ज्यादा मतदाता अपने मत का प्रयोग करेंगे। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर में बंगाल में 91 लाख मतदाताओं के वोट कटे हैं। पहले चरण में जिन सीटों पर मतदान होना है उनमें उत्तर बंगाल के आठ, दक्षिण बंगाल के तीन और जंगलमहल अंचल के पांच जिले शामिल हैं। मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद, मालदा, उत्तर व दक्षिण दिनाजपुर, बीरभूम के साथ साथ भाजपा के असर वाले कूचबिहार, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, कलिंपोंग और दार्जिलिंग में 23 अप्रैल को मतदान होगा। पूर्व व पश्चिमी मेदिनीपुर के साथ साथ झाड़ग्राम, पुरुलिया व बांकुड़ा में भी वोट डाले जाएंगे। इस बीच चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में बाइक रैली में लोगों के पीछे बैठने पर रोक लगा दी है साथ ही रात में दोपहिया वाहनों की आवाजाही पर भी रोक लगा दी गई है।


