लखनऊ। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोपों में घिरे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने पलटवार किया है। उन्होंने मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष और पूर्व आईएएस अधिकारी नृपेंद्र मिश्र पर निशाना साधा है। गौरतलब है कि चढ़ावा चोरी की खबर सामने आने के बाद नृपेंद्र मिश्रा ने इसे पाप करार दिया था। खबर है कि मंदिर प्रशासन में बदलाव और सीईओ नियुक्त करने का आइडिया नृपेंद्र मिश्रा का ही थी। एक समय उनको भी सीईओ पद का दावेदार बताया जा रहा था।
अब चंपत राय ने उन पर निशाना साधा है। उन्होंने गुरुवार को नौ पन्नों का दूसरा पत्र जारी किया। चंपत राय ने इसमें लिखा है, ‘राम मंदिर निर्माण के लिए बने ट्रस्ट में 15 ट्रस्टी थे और नृपेंद्र मिश्र को निर्माण समिति का अध्यक्ष बनाया गया था। मिश्र के सुझाव पर लार्सन एंड टूब्रो यानी एलएंडटी को मंदिर निर्माण की जिम्मेदारी दी गई’। चंपत राय ने आगे लिखा, ‘भवनों के डिजाइन और निर्माण से जुड़े काम के लिए नोएडा की डिजाइन एसोसिएट फर्म का चयन भी किया’।
ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने कहा है कि नृपेंद्र मिश्र ने निर्माण समिति में अपनी पसंद के लोगों को शामिल किया। इनमें से कुछ लोग छह साल के दौरान केवल एक या दो बार ही अयोध्या आए। उन्होंने बिना कोई आरोप लगाए यह भी कहा कि एनबीसीसी के पूर्व चेयरमैन अनूप मित्तल लगातार नृपेंद्र मिश्र के साथ निर्माण समिति की बैठकों में शामिल होते थे।
गौरतलब है कि चंपत राय ने चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद 26 जून को महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था। छह जुलाई को ट्रस्ट की बैठक में इस्तीफा मंजूर किया गया था। उसी दिन चंपत राय ने एक चिट्ठी जारी कर ट्रस्टी अनिल मिश्र पर गंभीर आरोप लगाए थे। चंपत राय ने उस समय कहा था कि मंदिर निर्माण से जुड़े फैसले समिति की बैठकों में लिए जाते थे, लेकिन कई मामलों में बाद में बदलाव किए गए और नृपेंद्र मिश्र के फैसलों को प्राथमिकता दी गई।
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.



