झारखंड भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का विरोध प्रदर्शन बृहस्पतिवार को 20वें दिन भी जारी है। वहीं, प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगें पूरी होने तक आंदोलन वापस लेने से इनकार कर दिया है।
‘जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच’ के बैनर तले अभ्यर्थी जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शन कर रहे हैं। वे भर्ती परीक्षाओं में अधिक पारदर्शिता, कई परीक्षाओं को रद्द करने और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या झारखंड के बाहर के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की समिति से पूरे प्रकरण की स्वतंत्र जांच कराने की मांग कर रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के नेता रघुबर दास ने बुधवार को चेतावनी दी कि अगर एक हफ्ते के भीतर सीबीआई जांच की मांग पूरी नहीं हुई तो वह अनशन करेंगे। वहीं, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी)ने इस मुद्दे पर 1,200 से अधिक विश्वविद्यालयों में विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है।
दास ने 2024 में आबकारी आरक्षक भर्ती की शारीरिक परीक्षा के दौरान कथित तौर पर जान गंवाने वाले 19 अभ्यर्थियों के प्ररिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की।
एबीवीपी नेताओं ने कथित अनियमितताओं की जांच के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी)की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं और इसके गठन में बार-बार किए गए बदलावों का हवाला दिया है।
Also Read : लार से होगी मुंह के कैंसर की पहचान
झारखंड में मुख्य विपक्षी भाजपा ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर आंदोलन को दबाने का आरोप लगाया है।
सोरेन सरकार में सहयोगी कांग्रेस ने भाजपा पर छात्रों के आंदोलन का राजनीतिकरण करने की आलोचना की और दावा किया कि राज्य की विपक्षी पार्टी ने विरोध प्रदर्शनों में बाधा डालने के लिए बाहर से कार्यकर्ताओं को बुलाया है।
विधानसभा की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच सोमवार को हुए टकराव के बाद तनाव बढ़ गया क्योंकि सुरक्षाकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठी चार्ज किया, पानी की बौछारें और आंसू गैस के गोले छोड़े।
भाजपा ने इसके बाद पुलिस की कार्रवाई के विरोध में राज्यव्यापी बंद का आयोजन किया।
इस बीच, अनशन कर रहे झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने रांची के सिविल सर्जन से विरोध स्थल पर लौटने की अनुमति मांगी।
महतो ने कहा कि उनकी ‘आत्मा’ छात्रों के आंदोलन के साथ ही है। अनशन कर रहे चार अन्य छात्रों को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इससे पहले, सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बातचीत के छह दौर गतिरोध को खत्म करने में नाकाम रहे।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि उनकी सरकार भर्ती परीक्षा में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है और प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि 14वीं झारखंड लोकसेवा आयोग (जेपीएससी)परीक्षा रद्द कर दी जाएगी। उन्होंने साथ ही भाजपा पर राजनीतिक फायदे के लिए इस आंदोलन का इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया।
Pic Credit : ANI
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.



