राज्य-शहर ई पेपर व्यूज़- विचार

ट्रंप ने सौ फीसदी टैरिफ का फैसला टाला

नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और चीन सहित दूसरे कुछ देशों को रूस से तेल खरीदने से रोकने के लिए लाए गए लिंडसे ओ ग्राहम बिल पर अमल टाल दिया है। चूंकि अमेरिका ने खुद ही रूस से डीजल खरीदना शुरू कर दिया है इसलिए मजबूरी में उसे इस कानून पर अमल रोकना पड़ा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस कानून के अमल पर रोक लगाने वाले आदेश पर दस्तखत कर दिए हैं। हालांकि माना जा रहा है कि तीन नवंबर को मिड टर्म इलेक्शन होने के बाद ट्रंप फिर से इस कानून को लागू करें।

बहरहाल, ट्रंप प्रशासन ने इस बिल में यह प्रावधान किया था कि रूस से तेल खरीदने पर भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान पर सौ फीसदी टैरिफ लगाया जाएगा। ट्रंप कह रहे थे कि रूस से तेल खरीदने वाले देश परोक्ष रूप से रूस की मदद कर रहे हैं, जिससे रूस को यूक्रेन को खिलाफ युद्ध लड़ने की शक्ति मिल रही है। लेकिन अब अमेरिका खुद ही रूस से तेल खरीद रहा है क्योंकि अमेरिका में ईंधन बहुत महंगा हो गया है, जिससे लोग नाराज हैं और मिडटर्म चुनाव में ट्रंप की पार्टी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने नौ अक्टूबर को ही रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ डीजल खरीदने का समझौता किया था। इससे पहले ट्रंप ने रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले लिंडसे ओ ग्राहम एक्ट पर 18 सितंबर 2026 को दस्तखत किए थे। 1इस पर दस्तखत करने के बाद ट्रंप को प्रतिबंध लगाने का फैसला 30 दिन के अंदर करना था। लेकिन अब ट्रंप ने इस पर अमल रोकने का आदेश जारी कर दिया है।

गौरतलब है कि भारत अपनी जरूरत का लगभग 90 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है। ईरान पर पाबंदी लगने के बाद भारत सऊदी अरब, यूएई और इराक सहित पश्चिम एशिया के अन्य देशों और रूस से तेल खरीदता था। होर्मुज की खाड़ी बंद होने के बाद भारत ने रूस से तेल की खरीद बढ़ा दी है। इस साल अगस्त में भारत के कुल कच्चे तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी करीब 45 फीसदी थी।

तभी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को कहा था कि भारत तेल की उपलब्धता और दुनिया के हालात को देखकर अपनी ऊर्जा जरूरतें पूरी करने का फैसला करता है। बहरहाल, राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा लिंडसे ओ ग्राहम एक्ट पर अमल रोकने के बाद भारत के लिए रूस से तेल खरीदने का रास्ता साफ हो गया है।

By NI Desk

Under the visionary leadership of Harishankar Vyas, Shruti Vyas, and Ajit Dwivedi, the Nayaindia desk brings together a dynamic team dedicated to reporting on social and political issues worldwide.

Leave a comment