चंडीगढ़। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि अदालत भी चाहती है कि गोलियां चलें। उन्होंने कहा कि जब किसी व्यक्ति को कहीं से न्याय नहीं मिलता तो उसकी आखिरी उम्मीद सुप्रीम कोर्ट से होती है। लेकिन, सुप्रीम कोर्ट के आदेश को देखकर लग रहा है, कि जैसे वे भी चाहते हैं कि सरकार किसानों पर गोलियां चलाए।
अपने अनशन को लेकर उन्होंने कहा कि वे अपनी इच्छा से आमरण अनशन पर बैठे हैं। उन पर किसी का दबाव नहीं है। केंद्र सरकार के इशारे पर जान बूझकर यह भ्रम फैलाने का प्रयास किया जा रहा है कि वे किसी के दबाव में हैं। वे किसानों को उनके हक दिलाने के लिए आमरण अनशन कर रहे हैं। डल्लेवाल ने कहा कि एक तरफ माननीय सुप्रीम कोर्ट उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जता रहा है और दूसरी तरफ उन्हें किसी भी तरह से जबरन अस्पताल में भर्ती कराने का आदेश देने की कोशिश की जा रही है, यह कैसी हमदर्दी है?
गौरतलब है कि पिछली कई सुनवाइयों से सुप्रीम कोर्ट लगातार पंजाब सरकार को फटकार लगा रहा है। सर्वोच्च अदालत ने पंजाब के अधिकारियों के खिलाफ अवमानना के मामले को टालते हुए कहा है कि 31 दिसंबर तक डल्लेवाल को अस्पताल में भर्ती कराया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने 31 दिसंबर को पंजाब के डीजीपी और सचिव को हलफनामा दाखिल करने के आदेश दिए गए हैं।
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