नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के राज्यसभा सांसद जॉर्ज कुरियन ने राज्यसभा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद नरेंद्र मोदी की सरकार से इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। राष्ट्रपति भवन ने मंगलवार को कुरियन के इस्तीफे की जानकारी दी। राष्ट्रपति भवन से जारी प्रेस रिलीज में बताया गया है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर कुरियन का इस्तीफा स्वीकार किया है। इस्तीफे की वजह नहीं बताई गई है।
गौरतलब है कि 65 साल के कुरियन मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय और मत्स्य पालन, पशुपालन व डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री के पद पर थे। वे अगस्त 2024 से मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद थे। बतौर राज्यसभा सांसद 21 जून को उनका कार्यकाल खत्म हुआ था। भाजपा ने उन्हें फिर से उम्मीदवार नहीं बनाया था। उनके साथ ही राजस्थान से राज्यसभा सदस्य और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का कार्यकाल भी समाप्त हो गया है। लेकिन उन्होंने अभी इस्तीफा नहीं दिया है।
बहरहाल, जॉर्ज कुरियन को केरल विधानसभा चुनाव से पहले एक उपचुनाव में मध्य प्रदेश से राज्यसभा भेजा गया था। कुरियन केरल के प्रमुख ईसाई संप्रदाय सीरो मालाबार कैथोलिक चर्च से आते हैं। भाजपा उम्मीद कर रही थी कि कुरियन को मंत्री बनाने से कुछ फायदा होगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। तभी माना जा रहा है कि कुरियन को दोबारा मौका नहीं मिला। कुरियन केरल दौरों के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भाषणों का मलयालम में अनुवाद भी करते थे। कुरियन के इस्तीफा के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चा तेज हो गई है।
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