तेहरान। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने शनिवार को तेहरान में पाकिस्तान सेना प्रमुख आसिम मुनीर से मुलाकात की। इस दौरान गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका युद्ध खत्म कराने वाली बातचीत में ईमानदारी नहीं बरत रहा है। उन्होंने कहा कि ईरान अपने अधिकारों को लेकर कोई समझौता नहीं करेगा। गौरतलब है कि पाकिस्तान ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता की कोशिशों में जुटा है। उसके जरिए दोनों देश प्रस्तावों का आदान प्रदान कर रहे हैं।
ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक, आसिम मुनीर ने राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से भी मुलाकात की। इस दौरान ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी मौजूद थे। मुनीर और अराघची के बीच दो अलग अलग बैठकें भी हुईं। रिपोर्ट के मुताबिक, बातचीत में ईरान की तरफ से तैयार 14 बिंदुओं वाला एक प्रस्ताव सबसे अहम मुद्दा रहा। तेहरान चाहता है कि आगे की पूरी बातचीत इसी प्रस्ताव के आधार पर हो। साथ ही दोनों पक्षों के बीच भेजे गए संदेशों और संभावित समझौते पर भी चर्चा हुई।
इस बीच यह भी खबर है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने ईरान के साथ चल रही युद्धविराम और परमाणु बातचीत से इजराइल को लगभग बाहर कर दिया है। ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक इजराइली अधिकारियों को अमेरिका व ईरान बातचीत की जानकारी सीधे वॉशिंगटन से नहीं मिल रही। उन्हें क्षेत्रीय नेताओं, राजनयिक संपर्कों और ईरान के भीतर अपनी खुफिया निगरानी के जरिए जानकारी जुटानी पड़ रही है। यह बदलाव प्रधानमंत्री नेतन्याहू के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
गौरतलब है कि कई हफ्तों से ईरान और अमेरिका के बीच जंग थमी हुई है लेकिन होर्मुज की खाड़ी से ज्यादातर जहाजों की आवाजाही ठप है। इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर पड़ रहा है। इस बीच ईरान की नौसेना ने शनिवार को दावा किया है कि पिछले 24 घंटों में होर्मुज की खाड़ी से 25 जहाज गुजरे हैं। पिछले कुछ दिनों में होर्मुज की खाड़ी से गुजरने वाले जहाजों की संख्या लगातार बदलती रही है। हालांकि युद्ध से पहले वाली संख्या के लिहाज से यह बहुत कम है।
इससे पहले आईआरजीसी ने शुक्रवार को दावा किया था कि उनके 26 जहाज होर्मुज से गुजरे हैं। शनिवार को 25 जहाज गुजरने की जानकारी दी गई। युद्ध से पहले यह संख्या सवा सौ से ज्यादा रहती थी।


