नई दिल्ली। ईरान में चल रही अमेरिका और इजराइल की जंग में अभी तक खाड़ी देशों ने हिस्सा नहीं लिया है। ईरान की ओर से खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर हमले हो रहे हैं, जिनसे खाड़ी के देश अपना बचाव कर रहे हैं। वे पलट कर ईरान पर हमला नहीं कर रहे हैं। लेकिन अब खाड़ी के देश ईरान के खिलाफ एकजुट हो रहे हैं। ईरान ने आरोप लगाया है कि खाड़ी देश ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल की सैन्य कार्रवाई में शामिल हैं। वह आरोप लगा रहा है कि खाड़ी देश के सैन्य ठिकानों से ईरान के ऊपर हमले हो रहे हैं।
हालांकि खाड़ी सहयोग परिषद यानी जीसीसी ने ईरान के इन आरोपों को खारिज किया है। जीसीसी के महासचिव जासिम मोहम्मद अलबुदैइवी ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया। इसके बाद अलबुदैइवी ने ईरान के खिलाफ एक सख्त बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि ईरान खाड़ी देशों पर लगातार खुलेआम हमले कर रहा है, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर और तेल सुविधाओं को जान बूझकर निशाना बनाया जा रहा है। गौरतलब है कि खाड़ी देशों के तेल और गैस ठिकानों पर ईरान के हमले शुरू होने के बाद से तनाव काफी बढ़ गया है। हालांकि ईरान दावा कर रहा है कि वह खाड़ी देशों में सिर्फ अमेरिका के सैनिक ठिकानों को निशाना बना रहा है।
इस बीच बहरीन की ओर से कहा गया है कि ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक उसने 145 मिसाइलों और 246 ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट किया है। बयान में कहा गया कि देश की एयर डिफेंस प्रणाली लगातार हो रहे हमलों का मुकाबला कर रही है। उधर संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई के पास समुद्र में एक जहाज के नजदीक धमाका हुआ है। यह घटना शारजाह से करीब 20 किलोमीटर दूर हुई। अभी यह साफ नहीं है कि हमला किसे निशाना बनाकर किया गया था। अधिकारी इस मामले की जांच कर रहे हैं। इस बीच ओमान ने ईरान में फंसे अपने कुछ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लेने का दावा किया है। ओमान की सरकार ने बताया है कि इन लोगों को सड़क और हवाई रास्ते से वापस लाया गया।


