नई दिल्ली। दो बार जनता दल यू से राज्यसभा के सांसद रहे उच्च सदन के पूर्व उप सभापति हरिवंश नारायण सिंह मनोनीत सांसद बने हैं। उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने शुक्रवार को अपने चैम्बर में उनको शपथ दिलाई। इससे पहले शुक्रवार को ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें राज्यसभा के लिए मनोनीत किया था। हरिवंश का कार्यकाल एक दिन पहले नौ अप्रैल को ही खत्म हुआ था। जनता दल यू ने उनको तीसरी बार राज्यसभा में नहीं भेजा था। इसके बाद राष्ट्रपति ने उनका मनोनयन किया।
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के रिटायर होने के बाद खाली हुई सीट के लिए हरिवंश को मनोनीत किया गया। 69 साल के पूर्व पत्रकार हरिवंश 2032 तक राज्यसभा में रहेंगे। माना जा रहा है कि हरिवंश फिर से राज्यसभा के उप सभापति बन सकते हैं। संविधान और राज्यसभा के नियमों के अनुसार मनोनीत सांसद भी उप सभापति बन सकता है। संविधान के अनुच्छेद 89 के तहत राज्यसभा अपने सदस्यों में से उप सभापति का चुनाव करती है। इसमें यह शर्त नहीं है कि सदस्य निर्वाचित ही होना चाहिए। इसका अर्थ है कि मनोनीत और निर्वाचित, दोनों सदस्य इस पद पर चुने जा सकते हैं।


