नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में अडानी समूह द्वारा कथित तौर पर हेराफेरी किए जाने की रिपोर्ट प्रकाशित करने वाली अमेरिकी शॉर्ट सेलिंग कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च बंद होने जा रही है। बुधवार देर रात कंपनी के संस्थापक नाथन एंडरसन ने इसका ऐलान किया। उन्होंने कहा कि कंपनी बंद करने का फैसला काफी बातचीत और सोच कर किया गया है। हालांकि उन्होंने कंपनी बंद करने का कोई खास कारण नहीं बताया।
हिंडनबर्ग रिसर्च की शुरुआत 2017 में हुई थी। इसकी रिपोर्ट ने भारत के अडानी समूह को बहुत बड़ा नुकसान हुआ था। उनकी संपत्ति कई लाख करोड़ रुपए कम हो गई थी और वे दुनिया के सबसे अमीर 20 लोगों की सूची से बाहर हो गए थे। उस झटके से अभी तक उनकी कंपनी संभल नहीं सकी है। हिंडनबर्ग ने सेबी की प्रमुख माधबी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच की अडानी समूह से जुड़ी ऑफशोर कंपनी में हिस्सेदारी का भी खुलासा किया था। इसके बाद माधवी पुरी बुच को हटाने के लिए विपक्ष ने बहुत दबाव बनाया था।
बहरहाल, कंपनी बंद करने की घोषणा करते हुए एंडरसन ने कहा है, ‘जैसा कि मैंने पिछले साल के अंत से ही अपने परिवार, दोस्तों और अपनी टीम के साथ शेयर किया। मैंने हिंडनबर्ग रिसर्च को भंग करने का फैसला किया है। प्लानिंग ये थी कि हम जिन विचारों पर काम कर रहे थे, उनके पूरे होते ही इसे बंद कर दिया जाएगा और वह दिन आज ही है’।
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