नई दिल्ली। पाकिस्तान के खिलाफ भारत की सैन्य कार्रवाई के दौरान पाकिस्तान के साथ खड़े होने और पाकिस्तान की मदद करने की वजह से तुर्किए के खिलाफ भारत में विरोध का माहौल बन गया है। जवाहर लाल यूनिवर्सिटी यानी जेएनयू ने तुर्किए की इनोनू यूनिवर्सिटी के साथ करार खत्म कर दिया है। जेएनयू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, हम देश के साथ खड़े हैं।
भारत में तुर्किए के खिलाफ विरोध और बायकॉट
इसके अलावा भारत के पर्यटकों ने तुर्किए और अजरबैजान की यात्रा रद्द करनी शुरू की है। ज्यादातर टिकट रद्द हो गए हैं और एक बड़ी ट्रैवल एजेंसी ने कहा है कि उसने इन दोनों देशों की यात्रा की बुकिंग लेनी बंद कर दी है। इस बीच, भारतीय व्यापारियों ने तुर्किए से सेब के आयात से इनकार कर दिया है। व्यापारियों का कहना है कि तुर्किए, पाकिस्तान को ड्रोन भेजता है। इन्हीं ड्रोन्स से पाकिस्तान ने भारत पर हमला किया।
अब हम तुर्किए के सेब नहीं बेचेंगे। भारत तुर्किए से सालाना 12 सौ करोड़ रुपए का सामान आयात करता है। इसमें सेब की बड़ी मात्रा शामिल है।
दूसरी ओर खबर है कि भारत ने चीनी सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स, शिन्हुआ और तुर्किए के सरकारी मीडिया टीआरटी वर्ल्ड के सोशल मीडिया अकाउंट पर से बैन हटा लिया। दोनों देशों के अकाउंट सिर्फ पांच घंटे ब्लॉक रहे। इन पर भारत विरोधी प्रोपेगैंडा चलाने और सेना के बारे में गलत खबरें फैलाने का आरोप था। बुधवार की शाम तक इनके अकाउंट फिर दिखाई देने लगे।
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Pic Credit: ANI
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