चंडीगढ़। हरियाणा और पंजाब के शंभू बॉर्डर पर पिछले करीब 11 महीने से आंदोलन कर रहे किसान एक बार फिर दिल्ली कूच करेंगे। इससे पहले तीन बार दिल्ली कूच का उनका अभियान विफल रहा है। हरियाणा पुलिस उनको घग्गर पुल से आगे नहीं बढ़ने देती है। अब किसानों ने 21 जनवरी को दिल्ली कूच का ऐलान किया है। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि दिल्ली कूच करने वाले जत्थे में 101 किसान शामिल होंगे।
पंधेर ने कहा कि केंद्र सरकार अभी तक वार्ता का मन नहीं बना रही है, इसलिए आंदोलन को और तेज करेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चेतावनी भी दी कि उनके प्रधानमंत्री रहते ही देश में एमएसपी पर फसल खरीद की गारंटी का कानून आएगा। उन्होंने कहा कि किसानों की सभी मांगें देश हित में हैं और उन्हें लागू कराया जाएगा। इस दौरान पंधेर ने पांच जनवरी 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फिरोजपुर दौरे के दौरान हुई सुरक्षा चूक के मुद्दे को उठाया। पंधेर ने कहा कि 2022 की घटना में अब पंजाब सरकार ने केंद्र के दबाव में आकर 25 के करीब किसानों के खिलाफ समन भेज दिए हैं। इसमें अब हत्या की कोशिश का मामला भी जोड़ दिया गया है। हम इसका विरोध करते हैं।
बहरहाल, किसान इससे पहले दिसंबर महीने में तीन बार दिल्ली कूच की कोशिश कर चुके हैं। किसान छह दिसंबर, आठ दिसंबर और 14 दिसंबर 2024 को दिल्ली की ओर रवाना हुए थे लेकिन तीनों बार हरियाणा पुलिस ने उन्हें बैरिकेड पर ही रोक लिया। गौरतलब है कि एमएसपी की गारंटी कानून को लेकर किसान 11 महीने से शंभू और खनौरी बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे हैं। खनौरी बॉर्डर पर किसान नेता जगजीत डल्लेवाल 52 दिन से आमरण अनशन पर बैठे हैं। उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। उनके समर्थन में 111 किसान लगातार दूसरे दिन अनशन पर बैठे हैं। गुरुवार को अनशन पर बैठे एक किसान की अचानक तबीयत खराब हो गई।
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Image Source: ANI


