नई दिल्ली। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई में गुरुवार, 19 मार्च को बहुत बड़ी गिरावट हुई। शेयर बाजार में 22 महीने की सबसे गिरावट हुई और एक दिन में निवेशकों के 13 लाख करोड़ रुपए स्वाहा हो गए। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक 2,497 अंक यानी 3.26 फीसदी गिर कर 74,207 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी में भी 776 अंक यानी 3.26 फीसदी की गिरावट रही, यह 23,002 पर आ गया है। बैंकिंग और ऑटो शेयरों में गुरुवार को सबसे ज्यादा बिकवाली रही।
इससे पहले चार जून 2024 को, जिस दिन लोकसभा चुनाव के नतीजे आए थे, सूचकांक 5.74 फीसदी गिरा था। माना जा रहा है कि भूराजनीतिक तनाव और जंग की वजह में महंगाई बढ़ने का खतरा है। इससे कंपनियों का मुनाफा कम हो सकता है। ऐसे में निवेशक शेयर बेच रहे हैं और सुरक्षित जगह निवेश के विकल्प खोज रहे हैं। माना जा रहा है कि ईरान के तेल ठिकानों पर इजराइल के हमले और ईरान के पलटवार की वजह से कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति शृंखला प्रभावित हुई है, जिसकी वजह से गिरावट हुई है।
कच्चे तेल की कीमत 114 डॉलर से ऊपर पहुंच गई है। इसका असर शेयर बाजार पर पड़ा। अमेरिका और एशियाई बाजारों में गिरावट का असर भी बीएसआई पर दिखा। इसके अलावा एचडीएफसी बैंक के पार्ट टाइम चेयरमैन और स्वतंत्र निदेशक अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे का असर बैंकिंग शेयरों पर दिखा। उन्होंने बुधवार देर रात अपने पद से इस्तीफा दिया था। इस वजह से गुरुवार को एचडीएफसी के शेयर में 5.11 फीसदी की गिरावट रही। ये 43 रुपए गिर कर आठ सौ रुपए पर आ गया है।
अतनु चक्रवर्ती ने बैंक के कामकाज के तौर तरीकों पर सवाल उठाए हैं। अपने इस्तीफे की वजह बताते हुए उन्होंने लिखा है, ‘पिछले दो साल के दौरान मैंने बैंक के भीतर कुछ ऐसी घटनाओं और तौर तरीकों को देखा है, जो मेरे व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता से मेल नहीं खाते’। चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद रिजर्व बैंक की मंजूरी से केकी मिस्त्री को 19 मार्च 2026 से तीन महीने के लिए अंतरिम चेयरमैन नियुक्त किया गया है।


