कथित यौन शोषण मामले में फरार स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थ सारथी के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में पुलिस ने बाबा चैतन्यानंद के खिलाफ एलओसी जारी की है, ताकि वह विदेश न भाग सके।
दिल्ली पुलिस को श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट के स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती के खिलाफ जांच में करीब 9 ‘यूएन’ लिखी नंबर प्लेट मिली हैं।
पुलिस सूत्रों ने दावा किया है कि बाबा चैतन्यानंद लाल गाड़ी में बार-बार नंबर प्लेट बदलता रहता था। सभी नंबर प्लेट पर ‘यूएन’ लिखा है। सिर्फ नंबर प्लेट पर डिजिट बदल दी जाती थी।
स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती पर छात्राओं से अपशब्द बोलने, अश्लील मैसेज भेजने और शारीरिक संपर्क के लिए दबाव बनाने के आरोप हैं। अधिकारियों ने खुलासा किया कि कई छात्राओं का यौन उत्पीड़न करने के आरोपी स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती ने कथित तौर पर उन्हें अपनी मांगें मानने या गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी।
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यह मामला अगस्त महीने की शुरुआत में सामने आया, जब 17 महिलाओं ने डिफेंस कॉलोनी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद संस्थान की लगभग 50 छात्राओं के साथ व्हाट्सएप चैट भी सामने आईं। इस मामले में पुलिस ने संस्थान के तीन वार्डन के बयान दर्ज किए हैं। तीनों पर चैतन्यानंद को आपत्तिजनक संदेश डिलीट करने में मदद करने का आरोप है।
जब यह मामला खुला, उस समय चैतन्यानंद लंदन में थे, लेकिन आखिरी बार उनका पता आगरा में चला। बाद में उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की, लेकिन जल्द ही इसे वापस ले लिया। उसी समय से स्वामी चैतन्यानंद फरार हैं।
चैतन्यानंद सरस्वती के खिलाफ पहले भी यौन अपराध के मामले दर्ज हैं। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ साल 2009 और 2016 में यौन शोषण का मामला दर्ज है। पहला मुकदमा डिफेंसकॉलोनी में और दूसरा वसंत कुंज नॉर्थ में दर्ज है।
फिलहाल, दिल्ली पुलिस आरोपी की तलाश में राष्ट्रीय राजधानी के अलावा हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान में छापेमारी कर रही है।
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