नई दिल्ली। केंद्र सरकार के तमाम भरोसा दिलाने के बावजूद देश भर में एलपीजी सिलेंडर की किल्लत दिख रही है और लोग परेशान हैं। पंजाब में गैस की लाइन में खड़े एक बुजुर्ग की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई है। ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले के बाद से होरमुज की खाड़ी बंद है, जिससे भारत का तेल और गैस का आयात प्रभावित हुआ है। इससे पूरे देश में एलपीजी की किल्लत हो गई है। सरकार ने शुक्रवार को स्वीकार किया कि एलपीजी की किल्लत चिंता की बात है लेकिन मौजूदा संकट लोगों के पैनिक होने और ज्यादा बुकिंग करने के कारण है।
सरकार की तरफ से पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा, ‘एलपीजी एक चिंता का विषय जरूर है क्योंकि हमारा ज्यादातर इम्पोर्ट स्ट्रेट ऑफ होरमुज के रास्ते आता है, जो फिलहाल बंद है। दिक्कत अफवाहों और पैनिक बुकिंग की वजह से हो रही है’। उन्होंने कहा, ‘आम तौर पर रोजाना 50 से 55 लाख बुकिंग होती थी, जो अब बढ़कर 75 से 76 लाख तक पहुंच गई है’।
बहरहाल, चाहे जिस कारण से हो लेकिन देश भर में एलपीजी सिलेंडर की कमी हो गई है। गैस एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनें लग रही हैं। गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और जमाखोरी भी हो रही है। पंजाब में लोग सिलेंडर लेकर भागते नजर आए। केरल में करीब 40 फीसदी रेस्तरां बंद होने की कगार पर है। इस बीच दिल्ली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एलपीजी की आपूर्ति को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। राजस्थान में प्रदर्शन करते हुए सिलेंडर की शवयात्रा निकाली गई। बरनाला के गांव शैहना में सिलेंडर के लिए दो घंटे से लाइन में लगे 66 साल के बुजुर्ग भूषण कुमार मित्तल की हार्ट अटैक से मौत हो गई।
अमृतसर में सिलेंडर को लेकर एजेंसी मैनेजर और ग्राहकों के बीच झड़प हुई। वहीं लुधियाना में एक्टिवा सवार बदमाशों द्वारा युवक से सिलेंडर छीनने की घटना हुई है। राजस्थान के कोटा सहित कई शहरों में हॉस्टल मेस और ढाबों में मजबूरी में लकड़ी, कोयले और इलेक्ट्रिक चूल्हों पर खाना बनाया जा रहा है। यूपी में फैक्ट्रियों को गैस सप्लाई नहीं हो रही है। इसका असर पॉटरी, चूड़ी से लेकर पेठा फैक्ट्रियों तक पड़ रहा। 30 हजार से ज्यादा वर्कर्स बेरोजगार हो गए हैं। मध्य प्रदेश, बिहार से लेकर लगभग सभी राज्यों में एक जैसे हालात हैं।


