कोलकाता। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी बुधवार को भीड़ से भिड़ गईं और तीन लोगों को थप्पड़ मारे। हालांकि कहा जा रहा है कि तीनों उनकी पार्टी के ही कार्यकर्ता थे। लेकिन इससे पहले तृणमूल कांग्रेस की रैली पर भीड़ द्वारा अंडे फेंकने और हमला करने की खबरें आईं। असल में बारूईपुर में 11 साल की एक बच्ची के साथ बलात्कार और हत्या के विरोध में ममता बनर्जी की पार्टी ने बुधवार को प्रदर्शन किया। इसी दौरान जम कर हंगामा हुआ।
तृणमूल कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि भाजपा के लोगों ने रैली में अंडे फेंके। जब रैली और टीएमसी कार्यकर्ता ममता बनर्जी के घर के बाहर पहुंचे तो हंगामा बढ़ गया। अव्यवस्था से नाराज ममता ने तीन कार्यकर्ताओं को थप्पड़ मारे। इसके बाद ममता ने आरोप लगाया कि बंगाल में अराजकता फैल गई है। पुलिस भाजपा कार्यकर्ताओं की तरह काम कर रही है।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में 11 साल की बच्ची की बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई। तृणमूल कांग्रेस ने हाई कोर्ट से इस घटना के विरोध में रैली निकालने की अनुमति मांगी थी। हाई कोर्ट से अनुमति के बाद तृणमूल ने रैली निकाली। इस दौरान कई जगह भाजपा और तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं में झड़प हुई, जिसके बाद पुलिस ने हालात काबू करने के लिए लाठीचार्ज किया।
घटना के बाद ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने उनकी रैली पर हमला कराया। उन्होंने कहा कि महिला कार्यकर्ताओं से मारपीट हुई, कई लोग घायल हुए और भाजपा समर्थकों ने रैली में बाधा डालने की कोशिश की। ममता ने कहा कि बंगाल में पूरी तरह से अराजकता फैल गई है। दूसरी ओर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने ममता के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि टीएमसी को रैली से नहीं रोका गया और विवाद की शुरुआत टीएमसी कार्यकर्ताओं ने भाजपा समर्थकों को उकसाकर की।


