नई दिल्ली। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो अपने पहले दौरे पर 23 मई को भारत पहुंचेंगे। वे चार दिन की यात्रा पर आ रहे हैं। इस दौरान वे कोलकाता, जयपुर और आगरा भी जाएंगे। अपनी यात्रा के आखिरी दिन 26 मई को वे चार देशों के समूह क्वाड की बैठक में हिस्सा लेंगे। अपनी इस यात्रा से पहले रुबियो ने भारत को ऊर्जा आपूर्ति करने को लेकर एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत जितना भी तेल खरीदना चाहेगा अमेरिका उसको उतना तेल देने को तैयार है।
भारत के लिए रवाना होने से पहले मयामी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए रुबियो ने भारत को एक बेहतरीन सहयोगी और भागीदार बताया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि उनका यह भारत दौरा बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दौरान उन्हें क्वाड देशों के मंत्रियों से मिलने का मौका मिलेगा। अमेरिकी विदेश मंत्री ने भारत के साथ मजबूत रिश्तों की जरुरत बताते हुए कहा, ‘हम उनके साथ मिलकर बहुत अच्छा काम करते हैं। इसलिए यह एक महत्वपूर्ण यात्रा है। मुझे खुशी है कि हम यह दौरा कर पा रहे हैं क्योंकि मुझे लगता है कि हमारे पास बात करने के लिए बहुत कुछ होगा’।
उन्होंने भारत यात्रा के बारे में कहा, ‘हम वहां क्वाड देशों के नेताओं से भी मिलेंगे, जो कि बेहद जरूरी है। विदेश मंत्री के रूप में मेरी पहली बैठक भी क्वाड के साथ ही हुई थी। मुझे खुशी है कि अब हम यह बैठक भारत में करने जा रहे हैं और इस साल के अंत में भी हमारी एक और बैठक होगी’। गौरतलब है कि क्वाड अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया का एक समूह है, जिसका गठन चीन की बढ़ती ताकत के साथ संतुलन बनाने के लिए किया गया था।
बहरहाल, मार्को रुबियो ने यह भी बताया कि वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज भी अगले हफ्ते भारत के दौरे पर आएंगी। वे भारत को तेल बेचने के मुद्दे पर चर्चा करेंगी। गौरतलब है कि अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाने और उनके अगवा करके अमेरिका ले जाने के बाद से भारत ने तेल की खरीद बढ़ा दी है। वेनेजुएला अब भारत का तीसरा सबसे बड़ा तेल सप्लायर है।
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