भोपाल। संख्या नहीं होने के बावजूद भाजपा की ओर से राज्यसभा का तीसरा उम्मीदवार उतारे जाने के बाद कांग्रेस आशंकित थी और अपने विधायकों को खरीद फरोख्त से बचाने के लिए बेंगलुरू भेज रही थी। लेकिन मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद विमान वापस लौट आया। हालांकि इससे पहले विमान के उड़ान भरने को लेकर भी कई घंटे तक ड्रामा चलता रहा। कांग्रेस विधायकें को लेकर बेंगलुरु जाने वाले विमान को उड़ान की मंजूरी नहीं मिल रही थी।
असल में कांग्रेस ने खरीद फरोख्त से बचाने के लिए अपने विधायकों को बेंगलुरू भेजने का फैसला लिया था। स्टार एयरलाइंस का विशेष विमान दोपहर करीब ढाई बजे भोपाल एयरपोर्ट पर पहुंचा। लेकिन एयरपोर्ट अथॉरिटी ने कांग्रेस विधायकों के विमान को उड़ने की अनुमति देने से मना कर दिया था। उनका कहना था कि यह विमान विदेश तो जा सकता है लेकिन इसे देश में उड़ने की अनुमति नहीं है। इस पर कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार के दबाव में विमान को उड़ने की इजाजत नहीं दी जा रही है।
सोचें, विमान दिल्ली से उड़ान भरके भोपाल पहुंच गया लेकिन वहां कहा गया कि भोपाल से यह विमान बेंगलुरू की उड़ान नहीं भर सकता है। बहरहाल, कई घंटे की जद्दोजहद के बाद कांग्रेस केविशेष विमान को उड़ान के लिए अनुमति मिली। शाम करीब साढ़े छह बजे विमान बेंगलुरू के लिए उड़ान भरने के लिए रनवे पहुंचा। इसमें 38 विधायकों के साथ 75 लोग थे। लेकिन उसी समय मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने की खबर आई, जिसके बाद विमान रनवे से ही लौट आया।


