राज्य-शहर ई पेपर व्यूज़- विचार

डिजिटल भुगतान पर मोदी सरकार का सबसे बड़ा यू टर्न: राहुल

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के संसद में यूपीआई भुगतान पर कोई टैक्स या शुल्क नहीं लगाने के आश्वासन के बावजूद मोदी सरकार ने दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई कारोबारी लेनदेन पर शुल्क लगाने का रास्ता खोल दिया है।

श्री खरगे ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर लिखा ‘नो फीस ऑन यूपीआई’ को बदलकर अब ‘दो हजार रुपये तक के यूपीआई लेनदेन पर नो फीस’ कर दिया गया है। गगनचुंबी महंगाई से आम आदमी की जेब पहले ही खाली है और थोक महंगाई 10 प्रतिशत के करीब है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जनता पर ‘डिजिटल पेमेंट्स टैक्स’ लगाकर उसकी बची-खुची बचत को भी तबाह करने की योजना बना रही है।

Also Read : ‘प्रेम कीटाणु’ का संगीत आज के दौर की प्लेलिस्ट जैसा: गौरव वर्मा

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कई खबरों के मुताबिक पांच हजार रुपये के लेनदेन पर 25 रुपये और 10 हजार रुपये पर 50 रुपये तक की संभावित वसूली की जाएगी। उन्होंने सरकार से सवाल किया है कि ये खबरें क्या सही हैं।

श्री गांधी ने कहा कि अब दो हजार रुपये से ऊपर के मर्चेंट यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर लगाया जा सकता है। इन लेनदेन की संख्या भले ही केवल पांच प्रतिशत हो लेकिन यूपीआई के कुल लेनदेन मूल्य का करीब 65 प्रतिशत इन्हीं में है।

उन्होंने कहा “सरकार कहती है कि ग्राहक से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा लेकिन दुकानदार पर लगने वाली फीस आखिर आएगी कहां से-कीमतों में जुड़कर ग्राहक की जेब से। अमेरिकी भुगतान कंपनियां लंबे समय से भारत की शून्य-एमडीआर नीति का विरोध करती रही हैं और अब मोदी सरकार ने ठीक उसी दिशा में नीति बदलने का रास्ता खोल दिया है।

Pic Credit : ANI

By Naya India

Naya India, A Hindi newspaper in India, was first printed on 16th May 2010. The beginning was independent – and produly continues to be- with no allegiance to any political party or corporate house. Started by Hari Shankar Vyas, a pioneering Journalist with more that 30 years experience, NAYA INDIA abides to the core principle of free and nonpartisan Journalism.

Leave a comment