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मुंबई के ऑटो वाले हड़ताल पर

मुंबई। महाराष्ट्र में ऑटो रिक्शा चलाने वालों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य करने के विरोध में देश की वित्तीय राजधानी मुंबई में ऑटो वालों ने तीन दिन के हड़ताल का ऐलान किया है। सोमवार को उन्होंने हड़ताल शुरू किया। गैर मराठी भाषी ड्राइवरों का कहना है कि इससे उनके ऊपर ज्यादा बोझ पड़ेगा। उम्रदराज ड्राइवरों का कहना है कि उन्होंने बिल्कुल पढ़ाई नहीं की है। उनका कहना है कि इस उम्र में वे परिवार पालने की चिंता करें या नई भाषा सीखें? कई उम्रदराज ड्राइवरों ने कहा है कि यह उनके लिए बहुत मुश्किल है।

असल में 19 अगस्त को महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने ऐलान किया था कि ड्राइवरों को पहले नोटिस देकर तीन महीने में मराठी सीखने का मौका दिया जाएगा। इसके बाद भी मराठी नहीं सीखने पर लाइसेंस और बैज सस्पेंड किया जाएगा। इसके एक दिन बाद 20 अगस्त से सरकार ने उन ऑटो और टैक्सी ड्राइवरों के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है, जिन्हें मराठी नहीं आती है। सड़कों पर उनका टेस्ट लिया जा रहा है।

ड्राइवरों ने कहा कि कई प्रदर्शनकारी मराठी सीखने और टूटी फूटी मराठी बोलने की कोशिश कर रहे हैं। उनका दावा है कि अधिकारियों की ओर से उन्हें नियम पूरा करने का समय देने के बजाय जुर्माना लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘क्या हम 15-20 हजार रुपए का जुर्माना भर सकते हैं? न्याय मिलने तक हम तीन दिन की हड़ताल करेंगे’। तभी ड्राइवर अधिकारियों से नियम और इससे जुड़े जुर्माने पर दोबारा विचार करने की मांग कर रहे हैं।

बताया गया है कि मराठी नहीं बोलने वाले ड्राइवरों को नोटिस जारी करने का अभियान 30 सितंबर तक चलेगा। बताया गया है सोमवार तक करीब ढाई हजार नोटिस जारी किए जा चुके हैं। परिवहन विभाग के मुताबिक, 20 अगस्त से मुंबई और राज्य के दूसरे हिस्सों में करीब 13 हजार ड्राइवरों की जांच हुई है। बातचीत की परीक्षा में फेल होने वाले ड्राइवरों को मराठी सीखने के लिए एक महीने का नोटिस दिया जा रहा है।

By NI Desk

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