नई दिल्ली। राष्ट्र गान की तरह अब राष्ट्रगीत यानी वंदे मातरम् गाने के लिए भी कुछ नियमों का पालन करना होगा। केंद्र सरकार ने इसे लेकर नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। कहा गया है कि अब वंदे मातरम् के सभी छह अंतरे गाए जाएंगे। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आदेश में कहा है कि अब सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों या अन्य औपचारिक आयोजनों में वंदे मातरम् गाया जाएगा। इस दौरान हर व्यक्ति का खड़ा होना अनिवार्य होगा। यह आदेश 28 जनवरी को जारी हुआ, लेकिन मीडिया में इसकी जानकारी 11 फरवरी को आई।
केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में लिखा गया है कि अगर राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान साथ में गाए या बजाए जाएं, तो पहले वंदे मातरम गाया जाएगा। इस दौरान गाने या सुनने वालों को सावधान मुद्रा में खड़ा रहना होगा। आदेश के मुताबिक सभी स्कूलों में दिन की शुरुआत राष्ट्रगीत बजाने के बाद ही होगी। नए नियमों के अनुसार, राष्ट्रगीत के सभी छह अंतरे गाए जाएंगे, जिनकी कुल अवधि तीन मिनट 10 सेकेंड है। अब तक मूल गीत के पहले दो अंतरे ही गाए जाते थे। आजादी से पहले 1937 के कांग्रेस अधिवेशन में और बाद में 1950 में दो ही अंतरे को राष्ट्रगीत के तौर पर स्वीकार किया गया।
बहरहाल, यह पहली बार है जब राष्ट्रगीत के गायन को लेकर इतने विस्तार से प्रोटोकॉल जारी किए गए हैं। गौरतलब है कि केंद्र इस समय वंदे मातरम् के डेढ़ सौ साल पूरे होने के उपलक्ष्य में कार्यक्रम मना रहा है। नए दिशानिर्देशों के मुताबिक, तिरंगा फहराने, किसी कार्यक्रमों में राष्ट्रपति के आगमन, राष्ट्र के नाम उनके भाषणों और संबोधनों से पहले और बाद में, और राज्यपालों के आगमन और भाषणों से पहले और बाद में सहित कई आधिकारिक अवसरों पर वंदे मातरम् बजाना अनिवार्य होगा।
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