Vande Mataram

  • पूर्वोत्तर में वंदे मातरम् अनिवार्य करने का विरोध

    भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम् को कई जगह अनिवार्य कर दिया है। सरकारी समारोहों के साथ साथ स्कूलों और कॉलेजों में इसे गाना अनिवार्य किया गया है। विपक्षी पार्टियों में कुछ लोगों ने इसका विरोध किया। लेकिन सबसे ज्यादा विरोध मुस्लिम संगठनों की ओर से किया गया है। अब खबर है कि पूर्वोत्तर में इसका विरोध शुरू हुआ है और वह भी भाजपा की एक सहोयगी पार्टी ने इसका विरोध किया है। नगालैंड में भाजपा की सहयोगी नगा पीपुल्स फ्रंट यानी एनपीएफ ने इस पर सवाल उठाया है और इसको लागू करने का औचित्य पूछा...

  • साम्प्रदायिक चश्मे से वन्दे मातरम् देखना गलत

    सरकार का कहना है कि 1937 में हटाए गए चार अंतरे औपनिवेशिक दबाव में हटाए गए थे और अब उन्हें वापस लाना सांस्कृतिक सम्मान का प्रश्न है। कुछ मुस्लिम और ईसाई समुदायों का तर्क है कि उनके धर्म में ईश्वर के अलावा किसी और को देवी रूप में मानना उचित नहीं है, इसलिए वे इसे अपनी आस्था के खिलाफ मानते हैं। समर्थकों का कहना है कि यह धार्मिक पूजा नहीं, बल्कि सांस्कृतिक प्रतीक है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने फरवरी 2026 में राष्ट्रगीत वन्दे मातरम् को लेकर नए प्रोटोकॉल जारी किए हैं। इन नियमों के अनुसार अब सभी सरकारी कार्यक्रमों और...

  • वंदे मातरम् के लिए नया प्रोटोकॉल जारी

    नई दिल्ली। राष्ट्र गान की तरह अब राष्ट्रगीत यानी वंदे मातरम् गाने के लिए भी कुछ नियमों का पालन करना होगा। केंद्र सरकार ने इसे लेकर नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। कहा गया है कि अब वंदे मातरम् के सभी छह अंतरे गाए जाएंगे। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आदेश में कहा है कि अब सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों या अन्य औपचारिक आयोजनों में वंदे मातरम् गाया जाएगा। इस दौरान हर व्यक्ति का खड़ा होना अनिवार्य होगा। यह आदेश 28 जनवरी को जारी हुआ, लेकिन मीडिया में इसकी जानकारी 11 फरवरी को आई। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में...

  • वंदे मातरम्- विरोध के मजहबी कारण झूठे

    भारतीय उपमहाद्वीप में जो मुस्लिम समूह ‘वंदे मातरम्’ के विरोध के पीछे मजहबी कारणों का हवाला देता है, वह वास्तव में भ्रामक और झूठा है। विश्व के इस क्षेत्र में मुसलमानों का एक बड़ा हिस्सा पाकिस्तान को इस्लामी पहचान का प्रतीक मानता है। परंतु पाकिस्तान न तो इस्लाम का रक्षक है, न ही ‘उम्माह’ के प्रति वफादार। भारत के राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के विरोध का कारण क्या है? तथाकथित ‘सेकुलर’ खेमा— जोकि वामपंथियों, स्वयंभू उदारवादियों और मुस्लिम नेतृत्व के एक वर्ग को मिलाकर बना है— उसका दावा है कि वंदे मातरम् ‘गैर-इस्लामी’ है। सच क्या है? दरअसल, इस आपत्ति...

  • वंदे मातरम् का विवाद राजनीतिक है

    सात नवंबर को वंदे मातरम् की रचना के डेढ़ सौ साल पूरे हुए हैं। बंकिम चंद्र चटोपाध्याय ने सात नवंबर 1875 को अक्षय नवमी के दिन इसकी रचना की थी। इसके सात साल बाद 1882 में उन्होंने इस रचना को अपने उपन्यास ‘आनंदमठ’ में शामिल किया। बंकिम बाबू के निधन के दो साल बाद 1896 में कांग्रेस के अधिवेशन में खुद गुरुदेव रविंद्रनाथ टैगोर ने इसे गाया। इसकी रचना दो हिस्सों में हुई और दोनों के संदर्भ भी अलग अलग हैं। बंकिम बाबू ने पहले दो ही अंतरे लिखे थे, जिसे आजादी के बाद राष्ट्रीय गीत के तौर पर स्वीकार...

  • वंदे मातरम् की बहस उलटी न पड़ जाए

    यह सही है कि वंदे मातरम् की रचना के डेढ़ सौ साल सात दिसंबर को पूरे हुए तो इस मौके पर अभी ही चर्चा होगी। यह तर्क सही है। लेकिन इस तर्क के आधार पर इस निष्कर्ष को नहीं खारिज किया जा सकता है कि इसका एक मकसद पश्चिम बंगाल का विधानसभा चुनाव भी है। पश्चिम बंगाल में अगले साल अप्रैल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और उससे पहले भारतीय जनता पार्टी किसी इमोशनल मुद्दे की तलाश में है, जिससे पैन बंगाल हिंदू एकता बनाई जाए और साथ ही बांग्ला अस्मिता को भी एड्रेस किया जाए। वंदे मातरम् का...

  • वंदे मातरम बनाम जन गण मन

    पश्चिम बंगाल में हर बार किसी न किसी तरह से अस्मिता का सवाल उठ जाता है। हर बार चुनाव से पहले संस्कृति और पहचान की बातें होने लगती हैं। याद करें कैसे पिछले चुनाव में यानी 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर की तरह की दाढ़ी रख ली थी। पश्चिम बंगाल के चुनाव में वे उसी तरह से प्रचार करते रहे। भाजपा ने किसी बहाने ईश्वरतचंद्र विद्यासागर के सम्मान का भी मुद्दा बनाया। हालांकि उसका कोई फायदा नहीं हुआ। ममता बनर्जी बाहरी बनाम बांग्ला का मुद्दा बना कर चुनाव जीत गईं। पिछली बार ‘जय श्रीराम’ बनाम...

  • प्रदेश के हर शैक्षणिक संस्थान में अनिवार्य कराएंगे वंदे मातरम का गायन : मुख्यमंत्री योगी

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत रत्न से विभूषित एवं लौह पुरुष के नाम से विख्यात सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती समारोह के उपलक्ष्य में सोमवार को प्रदेशभर के सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों के लिए एकता यात्रा का शुभारंभ किया। उत्तर प्रदेश के हर विद्यालय, हर शैक्षणिक संस्थान में वंदे मातरम का गायन अनिवार्य कराएंगे ताकि उत्तर प्रदेश के अंदर हर नागरिक के मन में भारत माता के प्रति, अपनी मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव जागृत हो सके।  सीएम योगी ने कहा कि जिस राष्ट्र गीत, वंदे मातरम, ने आजादी के आंदोलन में भारत की सोयी...

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