नई दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का एक बयान बहुत चर्चा में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में फेरबदल की चर्चाओं के बीच गडकरी का एक बयान वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने कहा कि ‘अब जिम्मेदारी नई पीढ़ी को सौंपनी चाहिए’। यह बयान सामने आने के बाद माना गया कि वे अब सरकार से हटना चाह रहे हैं। हालांकि बाद में उनके कार्यालय की ओर से सफाई जारी की गई। गडकरी के ऑफिस की ओर से कहा गया, ‘उन्होंने अपने लक्ष्मणराव मानकर ट्रस्ट से जुड़े सामाजिक कार्यों की जिम्मेदारी नई पीढ़ी को सौंपने की बात कही थी’। ऑफिस ने कहा कि उनके बयान का राजनीति से कोई संबंध नहीं है।
गौरतलब है कि उनके इस बयान को उनके राजनीति से रिटायरमेंट लेने के तौर पर देखा गया। गडकरी का यह बयान 23 अगस्त का है। उन्होंने पुणे के काटोल में कहा था, ‘अब ज्यादा काम नहीं कर सकता। जब कर सकता था, तब किया। नई पीढ़ी को जिम्मेदारी सौंपनी चाहिए’। वे लक्ष्मणराव मानकर ट्रस्ट से जुड़े एक कार्यक्रम में ही बोल रहे थे। गौरतलब है कि नितिन गडकरी पिछले 12 साल से मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। वे सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री हैं।
असल में गडकरी नागपुर के ‘एकलव्य एकल विद्यालय शिक्षक पर्यवेक्षक प्रशिक्षण वर्ग’ के कार्यक्रम में बोल रहे थे, जहां उन्होंने कहा, ‘मैं ज्यादा काम नहीं कर पाता। जब कर सकता था, तब किया। अब मेरा काम में दखल कम हो गया है’। गौरतलब है कि लक्ष्मणराव मानकर ट्रस्ट नागपुर की एक सामाजिक संस्था है। मुख्य रूप से आदिवासी और ग्रामीण इलाकों में शिक्षा के क्षेत्र में काम करती है। संस्था एकल विद्यालय चलाती है। इस ट्रस्ट को नितिन गडकरी ने ही स्थापित किया था।
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