नई दिल्ली। कई दिनों से विवाद का विषय बने सुनाली खातून और उसके आठ साल के बच्चे को सुप्रीम कोर्ट ने बांग्लादेश से वापस लाने का आदेश दिया है। सर्वोच्च अदालत ने बुधवार को केंद्र सरकार से कहा कि वह नौ महीने की गर्भवती सुनाली खातून और उसके आठ साल के बच्चे को बांग्लादेश से वापस लाए। अदालत ने कहा कि कानून को कभी कभी इंसानियत के आगे झुकना होता है।
सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला उस याचिका पर सुनवाई के दौरान आया, जिसमें बांग्लादेश डिपोर्ट किए गए परिवार को भारत वापस लाने की मांग की गई थी। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच मामले की सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया, सरकार सोनाली और उनके बेटे को भारत आने देगी। उन्होंने साफ किया कि यह अनुमति मानवीय आधार पर होगी। इससे नागरिकता से जुड़े मुद्दों पर सरकार का रुख प्रभावित नहीं होगा।
गौरतलब है कि सुनाली खातून और परिवार के पांच लोगों को बांग्लादेशी होने का शक में जून में दिल्ली से हिरासत में लिया गया था। इसके बाद 27 जून को उन्हें सीमा पार बांग्लादेश भेज दिया गया था। कोर्ट इस मामले में आगे की कार्यवाही 10 दिसंबर को करेगा, जिसमें परिवार के अन्य सदस्यों की वापसी पर सुनवाई होगी।


