नई दिल्ली। अंग्रेजों के जमाने में बने देश के सबसे एलीट क्लब जिमखाना को सरकार खाली करवा रही है। केंद्र सरकार की ओर से ऐतिहासिक जिमखाना क्लब को पांच जून तक कैंपस खाली करने का आदेश दिया गया है। केंद्र के लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस यानी एलएंडडीओ ने 22 मई को क्लब के सचिव को चिट्ठी भेज कर यह आदेश दिया। इस क्लब में देश के तमाम वरिष्ठ अधिकारी, सैन्य अधिकारी आदि सदस्य हैं। इसकी सदस्यता की इतनी मांग है कि 35 साल तक की वेटिंग चल रही है। राहुल गांधी भी जिमखाना क्लब के सदस्य हैं।
बहरहाल, सरकार की ओर से भेजी गई चिट्ठी में कहा गया है कि सरकार को क्लब के कब्जे वाली 27.3 एकड़ जमीन डिफेंस इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, संस्थागत जरूरतों और दूसरी परियोजनाओं के लिए चाहिए। आदेश के मुताबिक राष्ट्रपति की ओर से जमीन लीज खत्म कर दी गई है। क्लब के सदस्यों की ओर से कहा गया है कि सरकार के आदेश को अदालत में चुनौती दी जाएगी। सदस्यों ने कहा कि क्लब की वजह से किसी तरह की सुरक्षा चुनौती नहीं है।
दिल्ली जिमखाना क्लब की स्थापना ब्रिटिश काल में हुई थी। 1913 में यह इम्पीरियल दिल्ली जिमखाना क्लब नाम से शुरू हुआ था। आजादी के बाद इसका नाम बदलकर दिल्ली जिमखाना क्लब कर दिया गया। मौजूदा भवन 1930 के दशक में बनाए गए थे। दिल्ली जिमखाना क्लब को मशहूर ब्रिटिश आर्किटेक्ट रॉबर्ट टोर रसेल ने डिजाइन किया था। उन्होंने ही कनॉट प्लेस और तीन मूर्ति भवन भी डिजाइन किए थे। यह क्लब लोक कल्याण मार्ग के पास है, जहां प्रधानमंत्री का आवास है।
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