नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक, आरबीआई ने बड़ा फैसला किया है। केंद्रीय बैंक ने विजय शेखर शर्मा के पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड का लाइसेंस रद्द कर दिया है। आरबीआई ने यह फैसला ऑडिट रिपोर्ट में बैंकिंग विनियमन कानून, 1949 के तहत लगातार नियमों की अनदेखी करने की वजह से लिया है। बताया जा रहा है कि पीटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड के खिलाफ यह कार्रवाई डेटा सुरक्षा उल्लंघनों और जमाकर्ताओं के हितों के प्रतिकूल काम करने के कारण भी की गई है।
आरबीआई के इस फैसले के बाद पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड को तत्काल प्रभाव से बैंकिंग कारोबार करने से रोक दिया गया है। अब कंपनी किसी भी तरह का बैंकिंग परिचालन नहीं कर सकती है। ग्राहकों को अब अपने पेटीएम पेमेंट्स बैंक खाते या वॉलेट में पैसे जमा करने या जोड़ने की अनुमति नहीं होगी। आरबीआई ने कहा कि बैंक के पास कारोबार बंद करने की प्रक्रिया के दौरान अपनी देनदारियों का भुगतान करने के लिए पर्याप्त फंड है।
गौरतलब है कि आरबीआई का यह फैसला पेटीएम पेमेंट्स बैंक को बंद करने के लिए चल रही लंबी विनियमन कार्रवाई की प्रक्रिया में आख़िरी कदम है। आरबीआई ने पहले ही इस पर नए ग्राहक बनाने और जमा स्वीकार करने पर रोक लगा दी थी। रिजर्व बैंक ने यह कार्रवाई 2022 में शुरू की थी, जब उसने इस कंपनी कुछ पाबंदियां लगाई थीं। आरबीआई ने लाइसेंस रद्द करने के कई कारण बताए, जिनमें बैंक के कामकाज का लेंडर और उसके डिपॉज़िटर्स के हितों के ख़िलाफ़ होना भी शामिल था। केंद्रीय बैंक ने कहा कि इसके प्रबंधन का रवैया जमाकर्ताओं और जनहित के लिए नुक़सानदेह था।


