नई दिल्ली। कांग्रेस के सांसद शशि थरूर पिछले कुछ समय से भारतीय जनता पार्टी के समर्थन में बोल रहे हैं और केंद्र सरकार का बचाव कर रहे हैं लेकिन उन्होंने सावरकर के नाम पर पुरस्कार लेने से मना कर दिया है। सावरकर अवार्ड देने की घोषणा के बाद थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है, ‘मैं ये अवॉर्ड लेने नहीं जा रहा हूं। मुझे इसके बारे में केरल में रहते हुए मीडिया रिपोर्ट्स से ही जानकारी मिली’। उन्होंने कहा ‘आयोजकों ने बिना पूछे मेरा नाम घोषित किया है। ऐसे में दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम में शामिल होने का सवाल ही नहीं उठता’।
दूसरी ओर, अवॉर्ड देने वाले गैर सरकारी संगठन ने कहा कि थरूर ने सहमति दी थी। दि हिंगरेज रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी इंडिया के संस्थापक अजी कृष्णन ने दावा किया कि वे एक महीने पहले थरूर से उनके घर पर मिले थे। थरूर ने अवॉर्ड स्वीकार करने की सहमति दी थी। उन्होंने कहा कि दो हफ्ते पहले भी जूरी चेयरमैन रवि कांत ने उनसे मुलाकात की थी।


