मुंबई। महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री और शिव सेना के नेता एकनाथ शिंदे ने मुंबई के अपने सभी 29 पार्षदों को ताज लैंड्सएंड में शिफ्ट कर दिया है। बताया जा रहा है कि बुधवार तक सभी पार्षद वहीं रहेंगे और वहीं पर बैठक करके अपने नेता का चुनाव करेंगे। इस बीच मुंबई के मेयर का चुनाव करने के लिए लॉटरी के जरिए पहले यह तय किया जाएगा कि मेयर का पद किस श्रेणी के लिए आरक्षित होगा। मुंबई महानगरपालिका के नियम के मुताबिक लॉटरी से तय होता है कि एससी, एसटी, ओबीसी और महिला में से किसके लिए मेयर का पद आरक्षित किया जाएगा। रोटेशन के आधार पर इसे तय किया जाता है।
बहरहाल, अपने पार्षदों को होटल में शिफ्ट करने के बाद शिव सेना की ओर से ढाई साल के लिए मेयर पद की मांग की जा रही है। उनकी ओर से कहा जा रहा है कि 2026 शिव सेना के संस्थापक बाला साहेब ठाकरे का जन्म शताब्दी वर्ष है। इसलिए कम से कम ढाई साल शिव सेना का मेयर होना चाहिए। बताया जा रहा है कि इस पर भाजपा और शिंदे गुट में खींचतान शुरू हो गई है। इस बार भाजपा पहली बार मुंबई में अपना मेयर बनाने की तैयारी में है। उसने अकेले 89 सीटें जीती हैं।
इस बीच रविवार को उद्धव ठाकरे की शिव सेना के नेता संजय राउत ने दावा किया है कि एकनाथ शिंदे खुद नहीं चाहते कि बीएमसी में भाजपा को मेयर बने। इसलिए वे पार्षदों को होटल में रखे हुए हैं। गौरतलब है कि उद्धव ठाकरे की पार्टी 65 पार्षदों के साथ दूसरे स्थान पर है। उसने यह कह कर सस्पेंस बढ़ा दिया है कि अगर भगवान चाहेंगे तो उनकी पार्टी का मेयर हो सकता है। कहा जा रहा है कि शिंदे को दोनों खेमों से अपने पार्षदों को तोड़े जाने का खतरा दिख रहा है इसलिए उनको होटल में रखा गया है।


