नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने रविवार को आमरण अनशन शुरू कर दिया। गौरतलब है कि नीट यूजी के पेपर लीक और सीबीएसई की 12वीं की परीक्षा में हुई गड़बड़ी को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी लगातार धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है। इसके लिए पिछले नौ दिन से कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ता दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं।
इस प्रदर्शन में हिस्सा लेने पहुंचे सोनम वांगचुक ने रविवार को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया। भूख हड़ताल शुरू होते ही जंतर मंतर पर प्रदर्शनकारी और छात्र जुटने लगे। प्रदर्शन में कई किसान नेता भी शामिल हुए। भूख हड़ताल शुरू करने से पहले सोनम वांगचुक और सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी।
इससे पहले अभिजीत दीपके ने कहा था कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा। असल में दीपके अमेरिका में रहते थे। वहीं उन्होंने सीजेपी नाम से एक सोशल मीडिया अकाउंट बनाया। वे छह जून को भारत लौटे और जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया। पहले दिन से सोनल वांगचुक उनको समर्थन दे रहे हैं। वांगचुक ने इससे पहले लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के लिए आंदोलन किया था। आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के मामले में उनको गिरफ्तार किया गया था और वे 170 दिन से वे जोधपुर जेल में थे। सरकार ने उनके ऊपर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया था।
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