क्वेटा। क्वेटा रेलवे स्टेशन पर एक आत्मघाती विस्फोट (Suicide Blast) में कम से कम 24 लोग मारे गए और 46 घायल हो गए। बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों में पिछले एक साल में आतंकवाद से जुड़ी घटनाओं में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई। यह घटना बलूचिस्तान के मस्तुंग जिले में लड़कियों के स्कूल और अस्पताल के पास हुए बम विस्फोट के एक हफ्ते बाद हुई, जिसमें पांच बच्चों सहित आठ लोगों की मौत हो गई थी। द डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक क्वेटा डिविजनल कमिश्नर हमजा शफकत (Hamza Shafqat) ने मृतकों की संख्या की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि यह घटना एक आत्मघाती विस्फोट थी। रिपोर्ट के मुताबिक प्रतिबंधित उग्रवादी समूह बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने विस्फोट की जिम्मेदारी ली है। हमजा शफकत ने बताया कि प्रशासन रेल सेवाओं को निलंबित करने के लिए रेलवे अधिकारियों को पत्र लिख रहा है। पाकिस्तान रेलवे ने पहले डेढ़ महीने से अधिक समय तक निलंबन के बाद 11 अक्टूबर से क्वेटा और पेशावर के बीच ट्रेन सेवाओं को बहाल करने की घोषणा की थी।
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26 अगस्त को पूरे देश में रेल सेवाएं निलंबित कर दी गई थीं, जब बीएलए द्वारा किए गए विस्फोट में कोलपुर और माच के बीच एक प्रमुख रेलवे पुल नष्ट हो गया था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक शफकत ने जनता से घायलों के लिए रक्तदान करने की अपील की। इससे पहले, क्वेटा के सीनियर पुलिस सुपरिटेंडेंट (SSP) ऑपरेशन, मोहम्मद बलूच ने बताया कि उनके द्वारा देखी गई फुटेज के अनुसार, घटनास्थल पर ‘करीब 100 लोग’ मौजूद थे। उन्होंने कहा कि विस्फोट के समय, जाफर एक्सप्रेस ट्रेन पेशावर के लिए प्लेटफॉर्म से रवाना होने के लिए तैयार थी। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि यह ‘निर्दोष लोगों को निशाना बनाने का सिलसिला’ है। एक बयान में उन्होंने कहा, “आतंकवादियों के निशाने पर अब निर्दोष लोग, मजदूर, बच्चे और महिलाएं हैं। निर्दोष लोगों को निशाना बनाने वाले लोग दया के पात्र नहीं हैं। बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने विस्फोट की जांच के आदेश दिए हैं।
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