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मोदी से मिले बादल, गठबंधन की चर्चा

सुखबीर बादल

नई दिल्ली। पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर भाजपा और अकाली दल करीब आ रहे हैं। करीब ढाई दशक तक सहयोगी रही दोनों पार्टियों का तालमेल 2020 में किसान आंदोलन के समय खत्म हो गया था। अब एक बार फिर दोनों पार्टियों में तालमेल की चर्चा हो रही है। शुक्रवार को अकाली दल के प्रमुख सुखबीर बादल ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। संसद भवन में वे प्रधानमंत्री से मिले। उसके बाद अकाली और भाजपा के साथ मिल कर चुनाव लड़ने की अटकलें तेज हो गई हैं।

इससे पहले अकाली दल के प्रमुख सुखबीर बादल शुक्रवार सुबह दिल्ली पहुंचे और संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले। जानकार सूत्रों का कहना है कि दोनों पार्टियों में तालमेल की चर्चा पहले से हो रही थी और दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद इस पर मुहर लग गई है। कहा जा रहा है कि मंत्रिमंडल की अगली फेरबदल में हरसिमरत कौर बादल को मंत्री बनाया जा सकता है। किसान आंदोलन से पहले वे मोदी सरकार में मंत्री थीं। कहा जा रहा है कि अगर दोनों पार्टियों में गठबंधन होता है तो भाजपा पहले के मुकाबले ज्यादा सीटों पर लड़ेगी।

दूसरी ओर मोदी और सुखबीर बादल की मुलाकात पर आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने तंज किया। उन्होंने कहा, ‘ना ना करते प्यार तुम्हीं से कर बैठे……तो क्या चंदा चोर पार्टी और बेअदबी पार्टी का गठबंधन हो रहा है’? केजरीवाल के इस तंज पर सुखबीर बादल ने कहा, ‘2022 से पहले आप ने दावा किया था कि आप पंजाब में फल-फूल रहे 20 हजार करोड़ के अवैध खनन को तुरंत बंद करवा देंगे और आज एनजीटी के आदेश ने साबित कर दिया है कि आपकी सारी गारंटी गटर में फेंकने लायक हैं’।

उधर कांग्रेस नेता और पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने अकाली और भाजपा गठबंधन को लेकर कहा, ‘मुझे पहले से लगता था कि यह इकट्‌ठे होंगे। हालांकि कोई बदलाव नहीं होगा। मुझे पता था कि टूटी बाजू इकट्ठी होंगी, लेकिन यह रहेंगी टूटी हुई ही’। गौरतलब है कि पंजाब में अकाली दल और भाजपा का गठबंधन वर्ष 1996 में हुआ और तकरीबन 25 साल चला।

By NI Desk

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