ट्रंप भारत से पूरी कीमत वसूलेंगे!
कभी वैश्विक आर्थिकी में ‘बनाना (केला) रिपब्लिक’ जुमला था। मतलब ऐसे देश जिनकी गुजर केले या कॉफी जैसे कृषि उत्पाद के निर्यात से होती थी। पर वैसे देश (दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका के) अब बेहतर हुए हैं तो यह जुमला आउटडेटेड है। इसकी जगह दुनिया का, खासकर ट्रंप, यूरोपीय संघ, चीन-खाड़ी, ऑस्ट्रेलिया सभी देशों का ध्यान अपने भारत पर, याकि मोदीजी के “पकौड़ा-चाय-ठेला मॉडल” पर केंद्रित है। ट्रंप की जिद है कि 145 करोड़ लोगों के राशन, पकौड़े, बेसन, तेल की सप्लाई अमेरिका करेगा। पहले भारत हमसे चना-सोया-मक्का-गेहूं खरीदे। तब हम तेल देंगे, गैस भी देंगे। ऐसा ही लक्ष्य यूरोपीय संघ...