नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन सोमवार को दोनों सदनों में जम कर हंगामा हुआ। कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियों ने पश्चिम एशिया में चल रही जंग और ऊर्जा संकट पर चर्चा कराने की मांग की। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने सदन के अंदर कहा कि प्रधानमंत्री ‘कंप्रोमाइज्ड’ हैं और वे भारत के हितों के साथ समझौता कर रहे हैं।
सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया। विपक्ष जंग के बाद पश्चिम एशिया में बने हालातों के भारत पर असर को लेकर चर्चा की मांग कर रहा था। दूसरी ओर सरकार ने कहा कि विपक्ष स्पीकर ओम बिड़ला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ले आया था, जिस पर सरकार चर्चा करने के लिए तैयार है। लेकिन विपक्ष दूसरा प्रस्ताव ले आया है। सरकार ने कहा कि विपक्ष के प्रस्ताव का विदेश मंत्री ने बहुत अच्छे से जबाव दिया है।
इसके बाद भी हंगामा नहीं थमा तो सदन मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित किया गया। हंगामे के बीच विदेश मंत्री ने पहले राज्यसभा में और फिर लोकसभा में जंग के हालात पर बयान दिया। राज्यसभा में जब जयशंकर बयान दे रहे थे तब विपक्ष ने वॉकआउट किया। लोकसभा में उनके संबोधन के दौरान विपक्ष ने खूब नारेबाजी की और तमाम अपील के बावजूद शांत नहीं हुए।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, ‘पश्चिम एशिया में चल रहा युद्ध हमारी अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचा रहा है, लेकिन हमारे कॉम्प्रोमाइज्ड प्रधानमंत्री में इस पर चर्चा करने का साहस नहीं है। शेयर बाजार गिर रहा है, एलपीजी की कीमतें बढ़ रही हैं और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें ऐतिहासिक स्तर तक पहुंच रही हैं। इसका सीधा असर आम आदमी, घरेलू बजट और छोटे व मध्यम व्यवसायों पर पड़ रहा है’। राहुल ने आगे कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी को ब्लैकमेल किया जा रहा है। उनके पास भारतीय जनता के हितों को बेचने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। मेरी बात याद रखिए, वे संसद में नहीं आएंगे’।


