नई दिल्ली। महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट 28 फरवरी को आ जाएगी। हालांकि उससे पहले हादसे के पीछे साजिश के आरोप तेज हो गए हैं। अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार के अनुरोध पर राज्य सरकार ने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश भी केंद्र सरकार को भेज दी है। इस बीच रविवार को नागरिक विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि प्रारंभिक रिपोर्ट घटना के एक महीने के भीतर 28 फरवरी तक आ जाएगी।
इस बीच, अजित पवार की मौत पर राज्य सरकार के रुख को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। विपक्ष ने बजट सत्र से पहले होने वाली पारंपरिक हाई-टी पार्टी का बहिष्कार किया। शरद पवार की एनसीपी के साथ साथ कांग्रेस और उद्धव ठाकरे की शिव सेना ने सवाल उठाए। गौरतलब है कि 28 जनवरी को महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार सहित पांच लोगों की बारामती में प्लेन क्रैश में मौत हो गई थी। इसकी जांच को लेकर मंत्री मोहोल ने कहा कि नागरिक विमानन महानिदेशालय, डीजीसीए पहले ही प्रेस बयान जारी कर चुका है। जांच से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी और रिपोर्ट सभी के सामने रखी जाएगी।
इससे पहले अजित पवार के बेटे जय पवार ने 18 फरवरी को इंस्टाग्राम पोस्ट में विमान हादसे में साजिश का मुद्दा उठाया था। उन्होंने लिखा था, ‘वीएसआर वेंचर्स के विमानों के उड़ने पर रोक लगा देनी चाहिए। प्लेन क्रैश में ब्लैक बॉक्स आसानी से नष्ट नहीं होते। महाराष्ट्र के लोगों को इस दिल दहला देने वाली त्रासदी का पूरा, पारदर्शी और बिना किसी शक के सच जानने का अधिकार है’। परिवार के दूसरे सदस्य और शरद पवार की पार्टी के विधायक रोहित पवार सबसे मुखर तरीके से साजिश का मुद्दा उठा रहे हैं।


